Bhopal News : भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल में करीब साढ़े चार लाख फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शहरवासी आमतौर पर फ्लैट की रजिस्ट्री तो करवा लेते थे लेकिन इसका नामांतरण न होने के कारण मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज से वंचित रहते थे। वहीं, राजस्व रिकॉर्ड में भी जमीन तो बिल्डर के नाम पर होती थी लेकिन फ्लैट का कोई नामांतरण ना होने के कारण राजस्व रिकॉर्ड में नाम नहीं होता था। इस समस्या को देखते हुए अब राजधानी में फ्लैट का नामांतरण शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने इसके निर्देश सभी तहसील व सर्किल एसडीएम को दे दिए है। इधर, पहली बार एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्तव ने 108 फ्लैटधारियों का एक साथ नामांतरण भी कर दिया है। इससे फायदा यह होगा कि अब अपने मालिकाना हक वाला फ्लैट किसी अन्य को भी बेरोकटोक बेचा जा सकता है।

2002 में खरीदा था फ्लैट नामांतरण न होने से हो रही थी परेशानी

बावड़ियां कलां स्थित ग्रीन सिटी कॉलोनी में रहने वाले शैलेंद्र मोहन खरे बताया कि उन्होंने 2002 में फ्लैट खरीदा था, लेकिन नामांतरण नहीं होने से काफी परेशानियां हो रही थी। इस फ्लैट पर ना तो लोन मिल रहा था ना ही इसे आसानी से बेचा जा सकता था। जब कॉलोनी के ब्लॉक नंबर-3 स्थित फ्लैट नंबर-34 का नामांतरण करने का आवेदन दिया तो कॉलोनी में राजस्व अधिकारी व पटवारी को भेजकर 8 दिसंबर 2019 को वहां शिविर लगाया गया।

प्रकोष्ठ अधिनियम के तहत हो रहे नामांतरण

एसडीएम हुजूर राजेश श्रीवास्वत ने बताया कि बीते दिनों कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने फ्लैट के नामांतरण कर उनके मालिकों को मालिकाना हक दिए जाने के आदेश दिए थे। इसके लिए प्रकोष्ठ अधिनियम अपनाने को कहा गया था। सभी फ्लैट मालिकों से अपील की गई कि जो भी अपने-अपने फ्लैट का नामांतरण कराना चाहता है वह आवेदन दे सकता है। 2002 में जिस जमीन पर फ्लैट वाली कॉलोनी बनी। तब से लेकर वर्तमान तक, फ्लैट के क्षेत्रफल के आधार पर वार्षिक प्रीमियम और भू-भाटक जमा कराया गया और प्रकोष्ठ नियम के तहत एक साथ एक ही आदेश में 108 लोगों को फ्लैट का मालिकाना हक दिया गया।

हर कॉलोनियों में लगाए जाएंगे नामांतरण के लिए शिविर

फ्लैट का मालिकाना हक पाने के लिए अब लोगों को कलेक्टर व तहसील कार्यालयों के अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब राजस्व अधिकारी आपकी कॉलोनी में आकर नामांतरण करेंगे। इसके लिए वे कॉलोनी में ही शिविर लगाएंगे। यह नई व्यवस्था भोपाल जिले में शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत भोपाल जिले में पहली बार बावड़ियां कलां स्थित ग्रीन सिटी कॉलोनी में लगाया था। इसी तरह सभी कॉलोनियों में शिविर लगाए जाएंगे।

भोपाल में फ्लैट वाली हैं 5000 कॉलोनियां

बिल्डर और कॉलोनाईजरों की माने तो भोपाल में फ्लैट वाली सरकारी और निजी कॉलोनियों की संख्या करीब 5 हजार के लगभग है। इनमें फ्लैटों की संख्या लाखों में होगी। इनमें से करीब 90 प्रतिशत से अधिक फ्लैटों के मालिकों के पास अपने फ्लैट का मालिकाना हक नहीं है। इनमें से 80 प्रतिशत कॉलोनियां 5 से 30 साल पुरानी हैं।

इसलिए नहीं हो पाता था नामांतरण

फ्लैट के नामांतरण करने पहुंचने वाले लोगों को नामांतरण कराने में खासी दिक्कतें आती हैं, क्योंकि बिल्डर और कॉलोनाईजर फ्लैट वाली कॉलोनी विकसित करने के बाद रजिस्ट्री तो करा देता है, लेकिन प्रकोष्ठ अधिनियम के तहत नामांतरण नहीं कराता। क्योंकि वह जमीन का प्रीमियम और भू-भाटक की राशि बचाता है। जब लोग नामांतरण कराने पहुंचते हैं तो उनसे फ्लैट के क्षेत्रफल के आधार पर प्रीमियम और भू-भाटक मांगा जाता है, जिसे देने से फ्लैट संचालक इंकार करता है। ऐसी स्थिति में मामला अटका पड़ा रहता है।

अब फ्लैट के नामांतरण के लिए लोगों को भटकने की जरूरत नहीं है। कॉलोनियों में शिविर लगाकर प्रकोष्ठ अधिनियम के तहत नामांतरण आवेदन लेकर, फ्लैट संचालकों को उनके फ्लैट का मालिकाना हक दिया जाएगा। ग्रीन सिटी कॉलोनी में एक ही आदेश पर 108 लोगों के फ्लैटों का नामांतरण कर दिया गया है। अब वे सभी अपने-अपने फ्लैट के मालिक होंगे। इसके लिए शिविर लगाया जाएगा। - तरुण पिथोड़े, कलेक्टर, भोपाल

Posted By: Nai Dunia News Network