Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बैरसिया के जंगलों से दो गोह को पकड़कर तस्करी कर रहे दो आरोपियों को तीन-तीन साल के कारावास के साथ और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्‍ट्रेट, भोपाल अमर सिंह सिसोदिया ने भोपाल वन मंडल के बैरसिया परिक्षेत्र में गोह की तस्करी के आरोप में उज्जैन निवासी वकील सीहोर निवासी श्यामू को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 48ए और 51 के तहत दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।

अगस्त 2016 में मुखबिर की सूचना पर हुई थी गिरफ्तारी :

मुखबिर की सूचना पर वन विभाग के अधिकारियों ने 13 अगस्त 2016 को विदिशा रोड पर भटखेड़ी चौराहा पुलिया के पास विदिशा की तरफ से आती हुई मोटरसाइकिल को रोका। मोटर साइकिल के किनारे कुछ सामान बंधा हुआ था। मोटरसाइकिल को वकील पुत्र सब्जीनाथ चला रहा था और श्याम पुत्र रमेश पीछे बैठा था। अधिकारियों ने जब सामान की जांच की, तो उसमें कपड़ों के अलावा एक प्लास्टिक की बोरी में दो गोह (मानिटर लिजार्ड) जीवित मिलीं। गोह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची एक के अन्तर्गत प्रतिबंधित वन्यप्राणी है। जिसके बाद मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी30 एमसी 0705 को जप्त कर दोनों गोह को कब्जे में लिया गया। मौके का पंचनामा तैयार दोनों की गिरफ्तारी और अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

क्या होता है गोह :

गोह एक प्रकार का सरिसृप है, जो स्क्वामेटा गण के वैरानिडी कुल के जीव हैं। यह जीव छिपकली की तरह दिखता है, लेकिन उससे बहुत बड़ा होता है। इन्हें आमतौर पर बहुत जहरीला माना जाता है, लेकिन यह बहुत जहरीले नहीं होते हैं। इनका उपयोग कुछ लोग खाने के लिए और शक्तिवर्द्धक दवाओं में भी करते हैं। इस कारण इनकी तस्करी की जाती है। लगातार हो रहे अवैध शिकार से इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।

Posted By: Lalit Katariya

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