Bhopal News : भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल के समरधा जंगल में जन्मे बाघ शावकों को शिकारी व दूसरे वन्यप्राणियों से खतरा है। इसे देखते हुए वन विभाग ने जंगल में वनकर्मी और गष्ती दोनों बढ़ा दी हैं। खतरे की वजह बारिश व त्योहारी सीजन को बताया गया है। ऐसे समय में शिकारी सक्रिय रहते हैं और शिकार भी कर लेते हैं। पूर्व में प्रदेश के टाइगर रिजर्व व प्रदेश के सामान्य जंगलों में इस तरह की घटनाएं होती रही हैं।

भोपाल सामान्य वन मंडल का जंगल समरधा व बैरसिया रेंज में बसा है। यह करीब 347 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। समरधा में घना जंगल है। इसी जंगल में दो बाघ शावक हैं जिन्हें बाघिन टी-1232 ने जन्म दिया है। अकसर शावकों को दूसरे वन्यप्राणियों से खतरा रहता है, क्योंकि बड़े वन्यप्राणियों के साथ आपस में संघर्ष हो जाता है।

दो साल पहले भोपाल के जंगल में 13 शटर के पास तीन बाघ आपस में लड़ गए थे। वनकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा है। यदि ऐसी घटना शावकों की मां बाघिन टी-1232 के साथ होता हैं तो स्थिति बिगड़ सकती है। दूसरी तरफ त्योहार का समय देखकर अकसर शिकारी भी घात लगाए बैठे रहते हैं।

होशंगाबाद के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में शिकार की ज्यादातर घटनाएं बारिश के समय ही हुई थी। इन सभी स्थितियों को देखते हुए भोपाल सामान्य वन मंडल के डीएफओ एचएस मिश्रा ने वन क्षेत्रों में एक दर्जन अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की है। ई-सर्विलांस से चैबीस घंटे मॉनीटरिंग व रात्रि को बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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