भोपाल। एक ट्रांसजेंडर अपनी बुजुर्ग मां को पिता से न्याय दिलाने और अपने अधिकार की गुहार लगाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पहुंची। जहां पर जज ने उसकी पूरी बातें सुनी और उसे न्यायालय में केस लगाने की सलाह दी। अब उसने सोमवार को कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कुटुंब न्यायालय का सहारा लिया है। वह अपनी 73 वर्षीय वृद्ध मां के साथ रहती है। उसके पास जीवन-निर्वाह का कोई साधन नहीं है। ट्रांसजेंडर सैय्यद जूली वर्तमान में पीएचडी कर रही है और सरकारी नौकरी की तैयारी भी कर रही है। उसके पिता पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं और 6 साल पहले 69 वर्ष की उम्र में उसकी मां को तलाक देकर किसी अन्य महिला से शादी कर ली। कोर्ट में उसने मां के लिए भरण-पोषण और पिता की पेंशन में अपना नाम चढ़वाने के लिए आवेदन दिया है।

मामला अब कुटुंब न्यायालय में काउंसिलिंग के लिए है, जिसमें उसके पिता को भी बुलाया गया था, लेकिन वह मौजूद नहीं हुए। इसे देखते हुए प्राधिकरण की तरफ से सख्ती से कहा गया है कि यदि वह अगली तारीख पर उपस्थित नहीं होते तो पुलिस के माध्यम से उन्हें लाया जाएगा।

पिता ने तीन साल पहले कर ली शादी

जूली ने बताया कि पिता ने 2017 में 72 साल की उम्र में दूसरी महिला से शादी कर ली। वे अपनी पेंशन से ना तो मां को कुछ भी देते हैं और ना ही मुझे कोई खर्चा देते हैं। पिता अक्सर मां को परेशान करते थे। उन्होंने यह भी कई बार कहा था कि यह मेरी औलाद नहीं हो सकती है।

शादी के 27 साल बाद पिता ने घर छोड़ा

जूली ने बताया कि उसकी पांच बहनें हैं, जो अपने परिवार में खुश हैं। पिता ने शादी के 27 साल बाद 1997 से उनके परिवार से अलग, पुलिस क्वॉर्टर में रहना शुरू कर दिया था। 2013 में उन्होंने दबाव बनाकर मां से तलाक लिया। उसके बाद 20 वर्ष छोटी महिला से शादी कर ली। अब उसके पास केवल दो रास्ते हैं कि आजीविका के लिए या तो उसे कोई नौकरी मिल जाए या फिर पिता से अपने अधिकार के लिए लड़ाई लड़े।

- यह मामला प्राधिकरण में 6 साल बाद आया है, क्योंकि वह परिवार हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। अब परिवार को हिम्मत मिली है और वह पिता से मां को न्याय दिलाना चाहती है। इसके लिए कुटुंब न्यायालय में केस दर्ज करवाया है। - आशुतोष मिश्रा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण

- मुझे कानूनी नियम के अनुसार पिता से आधी पेंशन और मां को भरण-पोषण चाहिए। अभी मेरे पास जीवन निर्वाह का कोई साधन नहीं है। मेरे पास नौकरी भी नहीं है और पढ़ाई भी करती हूं, जिसके लिए पैसे चाहिए। -

सैय्यद जूली, ट्रांसजेंडर

Posted By: Sandeep Chourey