भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी के वल्लभ नगर बिजली दफ्तर में किसानों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। ये किसान खजूरीकलां, अमरावत खुर्द समेत आसपास गांव के हैं। किसानों ने बिजली कंपनी के जोन अधिकारियों को बताया कि मनमाने ढंगे से एक किसान को 10 से 12 हजार रुपये के बिल दे दिए गए हैं। ये बिल बारिश के महीने के है, जब मोटर पंप पूरी तरह बंद थे। दो से तीन एकड़ जमीन वाले किसानों को भी इतनी ही राशि के बिल थमाए गए हैं। यह तरीका ठीक नहीं है। ऐसे में किसान मर जाएगा। किसान के पास कीटनाशक डालने के लिए रुपये नहीं हैं, ऐसे में वे भारी-भरकम बिजली बिल की राशि जमा नहीं कर सकेंगे। इस पर मौजूदा जोन अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देते हुए कहा कि बिजली बिलों की जांच कराएंगे। इसके बाद जो भी उचित होगा, उस अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

खजूरीकलां के किसान मिश्रीलाल राजपूत और भवानी सिंह परमार ने आरोप लगाया कि उनके गांव के 150 से अधिक किसानों को बिजली कंपनी ने बारिश में 10 से 12 हजार रुपये के बिल दे दिए हैं। फसल वैसे ही अच्छी नहीं है। ऊपर से बिजली कंपनी अधिक बिल दे रही है। इस संबंध में जब स्थानीय अधिकारियों से बात करो तो कहते हैं कि पूर्व की राशि का समायोजन किया जा रहा है। यह गलत है। पुराना कोई बकाया था ही नहीं, तो किस बात का समायोजन। किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी के मैदानी अधिकारी मोटर पंप नहीं चलाने पर भी 10 से 12 हजार के बिल दे रहे हैं तो सीजन में तो 20 हजार रुपये से अधिक राशि के बिल आएंगे। कर्ज लेकर खेती कर रहे हैं। फिर और कर्जा बढ़ जाएगा। अन्य किसानों ने भी बढ़ाकर ए गए बिजली बिलों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है।

राशि नहीं घटाई तो घेराव करेंगे

किसान भवानी सिंह परमार ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि किसानों को दिए गए मनमाने बिजली बिल को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में किसान जोन कार्यालय का घेराव करेंगे। अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया है। यह भी बता दिया है कि बिल की राशि मनमाने ढ़ंग से जोड़कर दी गई है। यह बर्दाश्त नहीं करेंगे। भवानी सिंह परमार ने कहा कि अधिकारियों ने वरिष्ठ स्तर पर बातचीत करके हल निकालने का भरोसा दिया है।

Posted By: Ravindra Soni

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