भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। बड़ा तालाब में हो रही सिंघाड़े की खेती बड़े तालाब की जैव विविधता को प्रभावित कर रही है। संत हिरदाराम नगर के करीब तालाब के बीचोंबीच हो रही खेती में जमकर यूरिया व अन्य फर्टिलाइजर का उपयोग हो रहा है। सिंघाड़े को कीड़ों से बचाने के लिए कीटनाशक का भी उपयोग किया जा रहा है। तालाब से प्रतिदिन तीन से चार क्विंटल सिंघाड़े का उत्पादन हो रहा है। खेती के लिए बड़े स्तर पर हो रहे रसायनों के उपयोग से तालाब में रहने वाले जीवों के साथ ही तालाब का पानी पीने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

थोड़ी दूर मौजूद है नगर निगम का पंप हाउस

जिस जगह पर सिंघाड़े की अवैध खेती हो रही है। उससे कुछ ही दूर नगर निगम का पंप हाउस भी मौजूद है। इससे पानी को खींचकर ईदगाह हिल्स स्थित फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जाता है। यह पानी रोजाना चार लाख की आबादी को सप्लाई किया जाता है। इस पानी में उपस्थित कीटनाशक व रसायन सीधे लोगों के शरीर में जा रहे हैं।

पनप रही जलकुंभी, पानी में कम हो रही आक्सीजन

तालाब में हो रही सिंघाड़े की खेती के कारण जलकुंभी भी तेजी से पनप रही है। इसके कारण कारण पानी के अंदर रहने वाले जीवों को खतरा हो जाता है। जलकुंभी के कारण पानी का वाष्पीकरण भी तीन से आठ प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसकी तेजी से वृद्धि से जलीय जीवों और वनस्पति को प्राणवायु न मिलने से उनका दम घुटने लगता है। तालाब की जैव विविधता बिगड़ जाती है।

इन क्षेत्रों में होती है बड़े तालाब के पानी की सप्लाई

बड़े तालाब से ईदगाह हिल्स, रिज रोड, शाहजहांनाबाद, राम नगर, कबीटपुरा, माडल ग्राउंड, अहमदाबाद पैलेस, कोहेफिजा शहीद नगर, सिंधी कालोनी, श्यामला हिल्स, हमीदिया अस्पताल, फतेहगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में पानी की सप्लाई होती है। इसके अलावा करोंद और अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में भी बड़े तालाब के पानी की सप्लाई होती है।

जिला प्रशासन नहीं देता है अनुमति

बड़ी झील से संबंधित सभी दिशा निर्देश नगर निगम द्वारा जारी किए जाते हैं। जिला प्रशासन इसकी अनुमति नहीं देता है।

- मनोज उपाध्याय, एसडीएम, बैरागढ़

राजस्व का मामला है

खेती का मामला राजस्व विभाग का है। झील संरक्षण प्रकोष्ठ का इसमें कोई दायित्व नहीं।

- संतोष गुप्ता, प्रभारी अधीक्षण यंत्री, झील संरक्षण प्रकोष्ठ

मामला मेरे संज्ञान में है। अधिकारियों से मौके का मुआयना कर अवैध खेती कर रहे लोगों पर कार्रवाई करने को कहा है।

- केएस परिहार, अपर आयुक्त, नगर निगम भोपाल

Posted By: Ravindra Soni

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