Bhopal News भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। एक 17 वर्षीय बेटी ने अपने माता-पिता से भरण-पोषण की मांग को लेकर कुटुंब न्यायालय में शिकायत की थी। उसके माता-पिता के बीच 13 साल पहले तलाक हो गया था और दोनों ने दूसरी शादी कर ली। बेटी अपनी मां और सौतेले पिता के साथ रह रही है। उसने 12वीं पास कर ली तो कॉलेज की पढ़ाई के लिए सौतेले पिता ने इन्कार कर दिया, लेकिन वह आगे पढ़ना चाहती थी।

इसके लिए उसने अपने सगे पिता की तलाश शुरू कर दी। पता चला कि उसके पिता अजमेर में रहते हैं। बेटी ने माता-पिता के खिलाफ कोर्ट में भरण-पोषण का केस लगाया। पिता अजमेर से भोपाल काउंसिलिंग के लिए पहुंचे। वे अपनी बेटी को पहचान नहीं पाए।

काउंसिलिंग में पिता ने कहा कि 2003 में पहली शादी हुई थी और 2007 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद दोनों ने दूसरी शादी कर ली। अब मेरी दूसरी पत्नी से दो बेटे हैं। उसका पहली पत्नी से तलाक हो गया तो वह बेटी को गुजारा भत्ता नहीं दे सकते। काउंसलर ने पिता की काउंसिलिंग कर समझाया।

इसके बाद पिता बेटी का खर्च उठाने के लिए तैयार हो गया। मामले की काउंसलर सरिता राजानी ने पिता से कहा कि अपनी बेटी को किसके भरोसे छोड़ दिया, अगर सौतेला पिता उसे पढ़ाना नहीं चाहता है तो उन्हें उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। इसके बाद पिता बेटी को हर माह हॉस्टल व पढ़ाई का खर्च देने के लिए तैयार हो गया। साथ ही बेटी की शादी भी कराने की इच्छा जताई।

माता-पिता दोनों अपने परिवार में खुश हैं

बेटी ने काउंसिलिंग में कहा कि जब उसके माता-पिता का तलाक हुआ तो वह बहुत छोटी थी। वह अपने सौतेले पिता को ही पिता मानती थी, लेकिन जब उन्होंने मेरी पढ़ाई पर रोक लगा दी तो मां ने भी कुछ नहीं कहा। तब मैंने अपने पिता के बारे में जानकारी जुटाई। उसने कहा कि दोनों ने दूसरी शादी कर ली और अपने-अपने परिवार में खुश हैं। अब कोई भी उसकी जिम्मेदरी उठाने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए मुझे कोर्ट में केस लगाना पड़ा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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