भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। Bhopal News भोपाल नवाब खानदान और ब्रिटिशकालीन सौ साल पुराने दस्तावेजों के साथ पकड़े गए गुजरात के दो युवकों पर 24 घंटे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। क्राइम ब्रांच के दफ्तर में राजस्व और भू- अभिलेख के अफसर बुधवार सुबह से शाम तक बैठै रहे, लेकिन पुरातात्विक विभाग की टीम नहीं पहुंची। इस कारण क्राइम ब्रांच ने आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।

पूछताछ में युवकों ने बताया कि वह शाही परिवारों के एंटिक सामान का कलेक्शन करते हैं। उन्हें भोपाल नवाब के सिग्नेचर अच्छे लगे थे। उन्होंने पूरी दस्तावेजों की रद्दी को नवाब खानदान की बहू से एक लाख स्र्पए में खरीदा था। अब क्राइम ब्रांच ने गुस्र्वार को भी राज्य अभिलेखागार की टीम, शाही आकौफ, हज कमेटी और पुरातात्विक विभाग की टीम को बुलाया है, ताकि दस्तोवेजों की जांच के उनके सही समय और उनकी गंभीरता का पता लगाया जा सके।

क्राइम ब्रांच को शंका है कि बरामद सामान में नवाब परिवार के मोनो और सिग्नेचर होने से उसका गलत उपयोग हो सकता है। पुलिस अब दोंनों युवकों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी अहमदाबाद गुजरात से मंगा रही है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार गुजरात अहमदाबाद आश्रम रोड पर रहने वाले भविक बारोट और विपुल मेहता को क्राइम ब्रांच को मंगलवार देर रात ट्रक समेत पकड़ा था। ट्रक में भोपाल नवाब खानदान और ब्रिटिशकालीन दस्तावेज थे। दोनों ने बताया है कि वह भोपाल में पहले तीन बार इसी तरह से पुराना सामान ले जा चुके हैं। उन्होंने भोपाल के अहमदाबाद पैलेस से शाही कागजात के दस्तावेजों का सौदा एक लाख रुपये में किया था। इसलिए वे सामान ले जा रहे थे।

कागजात में पुराने पत्र, राज्यपाल के निमंत्रण पत्र: सीएसपी सलीम खान का कहना है कि दोनों से पुराने पत्र, राज्यपाल के निमंत्रण पत्र और पुराने समय में उपयोग किए जाने वाले दीपक बरामद किए गए हैं। यह पूरा सामान एंटिक है। अधिकांश कागजों में दीमक लगी हुई है, लेकिन उसमें कई पुराने नक्शे हाथ से बने हुए हैं। ये नक्शे रायसेन व सुल्तानपुर के हैं।

एक युवक क्वाइन सोसायटी गुजरात का प्रेसिडेंट: भविक बारोट ने बताया कि वह राजा-महाराजा के पुराने कागजात का कलेक्शन करते हैं। इनकी प्रदर्शनी वे इंदौर, अहमदाबाद, नागपुर दिल्ली समेत कई शहारों में लगा चुके हैं। वह गुजरात क्वाइन सोसायटी के प्रेसिडेंट हैं। उनका कहना है कि 2014 से वे भोपाल में तीन बार आ चुके हैं। पहले वह एक मददगार के जारिए सामान लेते थे। उसे इसका कमीशन देते थे। लेकिन, इस बार वे खुद सामान खरीदने आए थे।

कमीशन वाले ने ही कर दी मुखबिरी: क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि ये दोनों युवक कमीशन देकर जिसके जरिए सामान खरीदते थे, उसने ही इनकी मुखबिरी की है। इसके चलते क्राइम ब्रांच ने कोहेफिजा के अहमदाबाद पैलेस बाहर ट्रक और लक्जरी कार समेत दोनों युवकों को पकड़ लिया। उनकी कार क्राइम ब्रांच में रखी हुई है।

इनका कहना है

अभी मामले में जांच कर रहे हैं। दस्तावेज की जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

निश्चल झारिया, एएसपी क्राइम ब्रांच

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