भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी में अब रेलवे दीपावली के बाद ट्रैक किनारे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा। पहले चरण में पुल बोगदा से लेकर सुभाष फाटक की तरफ ट्रैक के किनारे का अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके बाद निशातपुरा से संत हिरदाराम नगर और भोपाल से संत हिरदाराम नगर जाने वाले रेलवे ट्रैक के किनारे से अतिक्रमण आया जाएगा। इनमें से पुल बोगदा के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दहशरा पर्व के पूर्व की जानी थी, जिसे स्थानीय विरोध के बावजूद रोक दिया था। त्यौहार के दौरान किसी को बेघर नहीं करने को देखते हुए कार्रवाई रोकी गई थी। उक्त कार्रवाई का विरोध भी होने लगा था।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि रेल परिचालन में दिक्कतें हो रही हैं, इसलिए अतिक्रमण हटाना मजबूरी है। यदि नहीं हटाएंगे और किसी दिन कोई हादसा होगा तो बड़ी जनहानि हो सकती है। ट्रैक के किनारे किसी भी तरह का व्यवधान रेल परिचालन की दृष्टि से ठीक नहीं है। यही बात बार-बार दोहराई जा रही है तब भी रेलवे ट्रैक के किनारे लोग झुग्गी बनाकर फिर पक्का निर्माण कर लेते हैं। इसके कारण ट्रैक के किनारे आवाजाही बढ़ जाती है। भोपाल के अंदर ऐसे बहुत से स्थानों से अतिक्रमण हटाया जा चुका है, बाकी के चिन्हित इलाकों से भी अतिक्रमण हटाया जाना है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने डेढ़ साल पूर्व रेलवे ट्रैक के किनारे से अतिक्रमण हटाने को लेकर बड़ा फैसला दिया था। यह फैसला दिल्ली में ट्रैक के किनारे 140 किलोमीटर क्षेत्र से झुग्गियां हटाने को लेकर था। जिसमें हाईकोर्ट की तरफ से कहा गया था कि रेलवे ट्रैक के किनारे से अतिक्रमण हटाने के मामले में निचली अदालतों द्वारा दिए गए स्थगन प्रभावी नहीं होंगे। अधिकारियों और याचिकाकर्ताओं की तरफ से बताया गया था कि जब भी अतिक्रमण हटाया जाता है तब स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने प्रभावों का इस्तेमाल करते हैं और कार्रवाई बाधित होती है। इस तरह ट्रैक से अतिक्रमण नहीं हटा पाते हैं। इस पर भी कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि जनप्रतिनिधि हस्तक्षेप करते हैं तो मान्य नहीं किए जाएंगे। किसी को हस्तक्षेप करने के अधिकार नहीं है। रेल यात्रियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।

Posted By: Ravindra Soni

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