भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को चौबीस घंटे इलाज मिलेगा। 15 दिन के भीतर यह सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए रेलवे ने एक निजी अस्पताल से अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूर्व में भी यहां इलाज की सुविधा थी, लेकिन एक निजी अस्पताल द्वारा बीच में अनुबंध तोड़ लेने के कारण यह सुविधा बंद हो गई थी। इसे देखते हुए रेलवे ने निजी अस्पताल संचालकों से आवेदन बुलाए थे। एक आवेदन मिला है, जिस पर कार्रवाई चल रही है।

रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अगले 15 दिनों में सुविधा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। इस स्टेशन से चौबीस घंटे में 132 ट्रेनें गुजरती हैं, इनमें किसी न किसी यात्री को इलाज की जरुरत पड़ती है। जिनके लिए रेलवे को अभी निशातपुरा रेलवे अस्पताल से डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बुलाना पड़ता है। जब निजी अस्पताल से अनुबंध हो जाएगा तो दूर से डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बुलाने की नौबत कम पड़ेगी।

अभी हो जाती है देरी

स्टेशन पर जब भी डाक्टरों की जरुरत पड़ती है तो निशातपुरा रेलवे अस्पताल से बुलाना पड़ता है। स्टेशन से अस्पताल की दूरी करीब तीन किलोमीटर है। आने में समय लगता है। कई बार अस्पताल में भी डाक्टरों की कमी रहती है और मरीजों का दबाव भी रहता है। जिसकी वजह से डाक्टर तुरंत नहीं निकल पाते। यह भी देरी की एक वजह है। इस तरह जिस ट्रेन में सफर करने वाले यात्री को डाक्टर की जरूरत होती है, वह ट्रेन निकल चुकी होती है और वह यात्री इलाज के बगैर ही रवाना हो चुका होता है।

ट्रेन में या स्टेशन पर तबीयत खराब हो गई तो ऐसे लें रेलवे की मदद

रेल सुविधा नंबर 139 पर काल करें। यहां से तुरंत मदद मिलेगी। इसके अलावा ट्रेन में सफर कर रहे हैं तो रेलवे के टीटीई को सूचना दें। उन्हें डाक्टर उपलब्ध कराने का आग्रह करें। वह अगले स्टेशन पर डाक्टर उपलबध कराने के लिए कंट्रोल रूम को सूचना देंगे। ट्रेन के पहुंचने तक रेलवे डाक्टर का इंतजाम कराएगा और वह स्टेशन पर इलाज करेंगे। यदि यहां से मदद नहीं मिल पा रही है तो रेलमंत्री, जीएम, डीआरएम को टि्वटर पर लिखें और मदद मांगें। इसके अलावा ट्रेन में गश्त कर रहे आरपीएफ, जीआरपी के जवानों से भी मदद मांग सकते हैं। रेल मंत्रालय व रेल सेवा के टि्वटर हैंडल से भी मदद मिल सकती है।

Posted By: Ravindra Soni

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