भोपाल । स्नातक प्रथम व द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को हर हाल में 30 सितंबर तक घोषित करना होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ने लिया है। निर्देश उच्च शिक्षा आयुक्त मुकेश शुक्ला ने दिए हैं। इस संबंध में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश भेज दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि कोरोना की वजह से नतीजों में पहले ही काफी विलंब हो चुका है।

ऐसे में विश्वविद्यालयों के स्तर से देरी होने से नतीजे घोषित होने में और विलंब होगा। वहीं विश्वविद्यालयों का तर्क है कि इतनी जल्दी व्यावहारिक तौर पर नतीजे घोषित करना संभव नहीं है। इसके बावजूद वे अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। दरअसल कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने स्नातक प्रथम, द्वितीय वर्ष समेत स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है कि बिना परीक्षा के अगली किसी भी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जा सकता।

ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया है कि इन कक्षाओं के परिणामों को आंतरिक मूल्यांकन का 50 प्रतिशत तथा गत सत्र अथवा सेमेस्टर के प्राप्तांकों का 50 प्रतिशत जोड़कर घोषित किया जाएगा। इसी तरह स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के लिए ओपन बुक परीक्षा के प्राप्तांक का 50 प्रतिशत तथा पूर्व वर्षों के प्राप्तांक का 50 प्रतिशत जोड़कर परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। ओपन बुक परीक्षा के प्रश्नपत्र संबंधित विश्वविद्यालय के पोर्टल या एसआइएस पर अपलोड किए जाएंगे।

Posted By: Sandeep Chourey

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