भोपाल। प्रदेश के अन्य शहरों में भी मेट्रो संचालन की संभावनाओं को देखते हुए सरकार की मंशा के अनुरूप मप्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने प्लानिंग पर काम शुरू कर दिया है। भोपाल से सीहोर तक मेट्रो संचालन के लिए कार्पोरेशन द्वारा प्री-फिजिबिलटी टेस्ट भी कराया गया। इसमें कॉर्पोरेशन ने मेट्रो संचालन पर हरी झंडी दे दी है। अब राज्य सरकार द्वारा सीहोर तक मेट्रो ले जाने के लिए निर्णय लिया जाना बाकी है।

बीते 21 जुलाई को विधानसभा सत्र के दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह राजधानी से मंडीदीप-औबेदुल्लागंज व सीहोर तक मेट्रो के विस्तार की बात कही थी। कार्पोरेशन द्वारा मंत्री के निर्देश पर पहले चरण में मंडीदीप व औबेदुल्लागंज व दूसरे चरण में सीहोर के प्री-फिजिबिलटी टेस्ट की प्लानिंग की थी। अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो शिलान्यास के बाद सीहोर तक मेट्रो ले जाने के लिए फिजिबिलटी टेस्ट शुरू किया गया था।

रोजाना सफर करने वाले 9 हजार लोगों को होगा फायदा

भोपाल से सीहोर की दूरी 40 किमी की है। प्रतिदिन यहां सिर्फ बसों व टैक्सी से ही करीब 9 हजार लोग यात्रा करते हैं। मेट्रो के संचालन के बाद इन लोगों को सीधा फायदा होगा। टेस्ट में बताया गया है कि दोनों ही शहरों के बीच 12 में से तीन बड़े आबादी वाले क्षेत्र भी हैं। इनमें बैरागढ़, फंदा व खजूरी शामिल हैं।

अब फिर बैरागढ़ को मिली राहत

वर्ष 2014 में मेट्रो ट्रेन की डीपीआर बनाने वाली कंस्ल्टेंसी एजेंसी रोहित एसोसिएट ने शहर में पांच रूट पर मेट्रो संचालन की रूपरेखा तैयार की थी। इसमें पहला रूट (लाइन-1) के लिए बैरागढ़ से अवधपुरी तक मेट्रो संचालन के लिए बताया गया था। प्रदेश में आई कांग्रेस सरकार ने तीन रूट को रद्द कर दिया था। इसमें बैरागढ़ रूट भी शामिल किया था। सीहोर तक मेट्रो विस्तार में व्यवसायिक केंद्र बैरागढ़ क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

अब सरकार पर निर्णय

फिजिबिटली टेस्ट में सीहोर रूट पास होने के बाद यह रिपोर्ट कार्पोरेशन राज्य सरकार को सौंपेगा। इसके बाद रूट पर मेट्रो के संचालन का अंतिम निर्णय सरकार को लेना होगा। प्रोजेक्ट पर वित्तीय भार व बजट को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। हलांकि, पहले भी मुख्यमंत्री कमलनाथ व नगरीय विकास एवं आवास मंत्री सीहोर तक मेट्रो विस्तार की मंशा कई बार जता चुके हैं।

जबलपुर व ग्वालियर में भी फिजिबिलटी टेस्ट की तैयारी

बीते माह मेट्रो के संचालक मंडल की बैठक हुई थी। इसमें बताया गया कि सीएम कमलनाथ ने अधिकारियों को जबलपुर व ग्वालियर तक मेट्रो संचालन के लिए कवायद शुरू करने का निर्देश दिया। कार्पोरेशन ने जबलपुर व ग्वालियर में फिजिबिलटी टेस्ट की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें क्षेत्र की आबादी, जनसंख्या घनत्व, यात्रियों व वाहनों की आवाजाही पर डाटा एकत्रित किया जाएगा। रिपोर्ट के बाद यह तय होगा कि इन शहरों में मेट्रो का संचालन होगा या नहीं।

नए रूट के लिए तैयार की जा रही डीपीआर

मेट्रो के लिए नए रूट में शामिल मंडीदीप-औबेदुल्लागंज और एयरपोर्ट के लिए डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसमें तकनीकी व संचालन संबंधित पूरा खाका तैयार किया जाएगा। इसमें स्टेशन, कॉरिडोर, अंडरग्राउंड मेट्रो के संचालन जैसे बिंदुओं की पूरी जानकारी होगी।

सुभाष नगर से करोंद तक सिविल वर्क की प्लानिंग

कॉर्पोरेशन ने लाइन टू के दूसरे चरण की भी तैयारी शुरू कर दी है। तीन माह के अंदर सिविल वर्क के लिए टेंडर किए जाएंगे। इससे पहले कंपनियों के साथ मेट्रो व बड़े निर्माण करने वाली देश की कंपनियों के साथ प्री- बिड मीटिंग की जाएगी। साथ ही प्रजेंटेशन देखा जाएगा। विभागीय स्तर पर इसका खाका भी तैयार कर लिया गया है। इसमें 8.765 किमी पर सिविल वर्क का काम किया जाएगा।