Bhopal Van Vihar: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। अपने ही महावत बुधराम रोतिया को कुचलकर मारने वाले हाथी 'रामबहादुर" को अब न नियमित गश्त में लगाया जाएगा और न ही उनकी पीठ पर बैठाकर पर्यटकों को सैर कराई जाएगी। वन्यप्राणी मुख्यालय ने उसे अब जंजीरों से बांधकर रखे जाने का निर्देश दिया है। इस हाथी ने अगस्त 2020 में हिनौता वनपरिक्षेत्र के रेंजर बीआर भगत को टाइगर ट्रेकिंग के दौर सूंड से पकड़कर पटका और पैर से कुचल दिया था। तब बताया गया था कि उसने मदमस्त होकर इस घटना को अंजाम दिया है।

उधर, कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला बाड़े में कैद बाघिन 'सुंदरी" को वन विहार लाने के आदेश जारी हो गए हैं। वन विहार प्रबंधन बाघिन को लाने की तैयारी कर रहा है।

'रामबहादुर" ने तीन दिन पहले जिस महावत को मारा है, वह 20 साल से उसकी सेवा कर रहा था। वह हाथी को नहलाने, खाना खिलाने सहित बीमार होने पर इलाज के समय डाक्टर एवं अन्य कर्मचारियों का सहयोग करता था। अब बच्चे की तरह पालने वाले महावत को ही जब हाथी ने पैरों से कुचलकर मार दिया, तो वन्यप्राणी मुख्यालय ने उसे जंजीरों में बांधकर रखने का निर्णय ले लिया।

माना जा रहा है कि हाथी अब दूसरों के लिए भी खतरा बन सकता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 की घटना के बाद कुछ महीने हाथी को अलग रखा गया था। जब वह सामान्य हुआ, तो उसे नियमित गश्त में फिर से लगा दिया गया।

इसी हफ्ते लाई जा सकती है बाघिन

कान्हा टाइगर रिजर्व के घोरेला बाड़े में लंबे समय से कैद बाघिन 'सुंदरी" अब वन विहार में पर्यटकों को आकर्षित करेगी। वन्यप्राणी मुख्यालय ने बाघिन को कान्हा से वन विहार शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। अब शिफ्टिंग की औपचारिकताएं पूरी होते ही बाघिन को भोपाल लाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि बाघिन को इसी हफ्ते भोपाल लाई जा सकती है।

इनका कहना है

हाथी को अब अलग रखा जाएगा। ताकि वह किसी और को कोई नुकसान न पहुंचा सके। वहीं बाघिन को कान्हा से शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है। जल्द ही बाघिन वन विहार लाई जाएगी।

जेएस चौहान, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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