भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी मौजूद रहने और मानसून ट्रफ के राजधानी से होकर गुजरने के कारण गुरुवार को सुबह गरज-चमक के साथ शहर में झमाझम वर्षा हुई। सुबह लगभग तीन घंटे में एक इंच वर्षा हुई। इससे वातावरण में ठंडक घुल गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक दिनभर बादल बने रहने और रुक-रुककर वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। उधर पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक खंडवा में 83, नर्मदापुरम में 41, उमरिया में 35.6, भोपाल 23.7, मलाजखंड में 17.2, खरगोन में 14.2, गुना में 12.9, मंडला में 9.4, छिंदवाड़ा में 8.8, रतलाम में आठ, दमोह में सात, सिवनी में 6.4, पचमढ़ी में छह, नौगांव में पांच, ग्वालियर में पांच, सागर में 3.2, धार में 1.8, बैतूल में 1.6, इंदौर में 1.2, सतना में 0.8, रायसेन में 0.6, खजुराहो में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य रहा। साथ ही यह बुधवार के न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के बराबर ही रहा। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। जो सामान्य था। यह भी मंगलवार के अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस के समकक्ष ही रहा। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से राजधानी सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है। वातावरण में नमी होने के कारण बादल बने हुए हैं। गुरुवार को दिनभर बादल मौजूद रहने की संभावना है। इससे अधिकतम तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है।

यह मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में कम दबाव का क्षेत्र गुजरात और उससे लगे पाकिस्तान पर बना हुआ है। मानसून ट्रफ कम दबाव के क्षेत्र से होकर भोपाल से होकर गुजर रही है। एक ऊपरी हवा का चक्रवात छत्तीसगढ़ एवं उससे लगे मध्यप्रदेश पर मौजूद है। अपतटीय ट्रफ गुजरात तट से कर्नाटक तट तक बनी हुई है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र पर विपरीत दिशाओं (पूर्वी-पश्चिमी) की हवाओं का टकराव हो रहा है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मप्र में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला अभी बना रहेगा।

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