भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अलग-अलग स्थानों पर बनी चार मौसम प्रणालियों के असर से हवाओं का रुख बदला हुआ है। वातावरण में नमी आने के कारण मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल छाने लगे हैं। साथ ही भोपाल, ग्वालियर, सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं कोहरा भी छाया रहा। पिछले 24 घंटों के दौरान रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रीवा में सिरमौर में तीन, हनुमना में दो, नईगढ़ी में दो, सेमरिया में एक, गुढ़ में एक एवं जवा में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। सतना के नागौद में दो एवं रघुराजनगर में 1.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। रविवार को मध्य प्रदेश में सबसे कम 50 से 200 मीटर दृश्यता खजुराहो में रही। ग्वालियर में 500 मीटर एवं भोपाल में 800 मीटर दृश्यता रही। दतिया, दमोह एवं शिवपुरी में दृश्यता 500 से 1000 मीटर तक रही। मध्य प्रदेश में सबसे कम आठ डिग्री सेल्सियस तापमान दतिया में रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी रात के तापमान में गिरावट होने की संभावना नहीं है। बादल बने रहने के कारण दिन का तापमान भी सामान्य के आसपास रहने के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही यह शनिवार के न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस की तुलना में 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था। यह शुक्रवार के अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था। रविवार को सुबह से बादल बने रहने के कारण रविवार को अधिकतम तापमान में गिरावट होने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के आसपास हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके असर से राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना है। एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उससे लगे पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसी तरह ओडिशा पर एक प्रति-चक्रवात बना हुआ है। इन चार मौसम प्रणालियों के कारण हवाओं का रुख बदल गया है। हवाओं के साथ नमी आने के कारण बादल छा रहे हैं। 26 जनवरी से मध्य प्रदेश में वर्षा होने की भी संभावना बन रही है।

Posted By: Ravindra Soni

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