भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। वर्तमान में अलग अलग स्थानों पर सात मौसम प्रणालियां सक्रिय है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में ओडिशा कोस्‍ट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम के आगे बढ़ने की संभावना है। उधर मौसम प्रणालियों के कारण अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से बड़े पैमाने पर नमी आने का सिलिसिला शुरू हो गया है। इससे शिथिल पड़े मानसून के आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। बुधवार को राजधानी भोपाल सहित मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। गुरुवार को कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि बुधवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। साथ ही यह मंगलवार के न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस से 0.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक रहा था। यह सोमवार के अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले 1.1 डिग्री सेल्सियस कम रहा था। साहा के मुताबिक बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। बुधवार को शहर में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। इस वजह से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना रहने का अनुमान है।

ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक अपतटीय द्रोणिका दक्षिण–गुजरात से केरल तक बनी हुई है। दक्षिण–पश्चिम राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर ओडिशा के तट पर बने ऊपरी हवा के चक्रवात तक बनी हुई है। मध्यप्रदेश के मध्य में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर अरब सागर तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर में भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। इसके अतिरिक्त मध्य क्षोभमंडल में विरूपक हवाएं (शियर जोन) सक्रिय हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के असर से अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से बड़े पैमाने पर नमी आने लगी है। इस वजह से बुधवार से भोपाल, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में गरज–चमक के साथ वर्षा का दौर शुरू होने के आसार हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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