भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। अलग-अलग स्थानों पर बनीं छह मौसम प्रणालियों के असर से राजधानी सहित मध्यप्रदेश के अधिकतर जिलों में वर्षा हो रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के असर से शुक्रवार से रीवा, शहडोल, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में भारी वर्षा होने के आसार हैं। प्रदेश के शेष जिलों में भी रुक-रुककर बौछारें पड़ती रहेंगी। राजधानी में वातावरण में नमी कम होने से शुक्रवार को कुछ बादल छंटने लगे। इससे धूप भी निकली। हालांकि दोपहर बाद कहीं-कहीं बौछारें भी पड़ सकती हैं।

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मलाजखंड में 74.2, गुना में 68, दमोह में 52, भोपाल (शहर), रायसेन में 36.2, भोपाल (एयरपोर्ट में) 29.2, जबलपुर में 26.2, उमरिया में 17.2, नर्मदापुरम में 17.2, उज्जैन में 14.6, पचमढ़ी में 13, सिवनी में 11.4, नरसिंहपुर में 11, खजुराहो में 10, सागर में 9.6, ग्वालियर में सात, मंडला में 6.4, शिवपुरी में छह, रतलाम में पांच, रीवा में 4.4, सतना में 3.1, सीधी में 2.4, नौगांव में एक मिलीमीटर वर्षा हुई।

शहर में पिछले चार दिनों से रुक-रुककर बौछारें पड़ रही हैं। गुरूवार को भी दिन भर वर्षा हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात से पूर्वी मप्र में शुक्रवार से वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने लगेगी। प्रदेश के शेष क्षेत्रों में अब भारी वर्षा होने की संभावना कम है। हालांकि बीच-बीच में रुक-रुककर बौछारें पड़ती रहेंगी।

ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि दो दिन से सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में कमजोर पड़कर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बन गया है। साथ ही यह भोपाल पर बने शियर जोन (पूर्वी–पश्चिमी हवाओं का टकराव) से संबद्ध हो गया है। सौराष्ट्र पर गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ सौराष्ट्र पर बनी मौसम प्रणाली से लेकर अहमदाबाद, गुना, सतना, झारखंड से होता हुआ बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात वर्तमान में पश्चिम बंगाल पर सक्रिय हो गया है। गुजरात के तट से लेकर केरल के तट तक अपतटीय ट्रफ बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के असर से राजधानी सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में रुक-रुककर वर्षा हो रही है।

Posted By: Ravindra Soni

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