भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मध्य प्रदेश में फिलहाल किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने से वर्षा की गतिविधियां लगभग थम सी गई हैं। बुधवार को राजधानी में धूप निकली थी। हालांकि शाम के समय कहीं–कहीं मामूली बौछारें भी पड़ी थीं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को आंशिक बादल बने हुए हैं। बीच–बीच में धूप भी निकल रही है। इस वजह से मौसम खुशगवार बना हुआ है। शाम को कहीं-कहीं फुहारें पड़ सकती हैं। उधर, पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक भोपाल (शहर) में 4.7, उज्जैन में 4.6, रतलाम में तीन, जबलपुर में 2.7, खरगोन में 2.2, नौगांव में दो, मंडला में एक, भोपाल (एयरपोर्ट) में 0.6, धार में 0.6, बैतूल में 0.4, इंदौर में 0.1 मिलीमीटर वर्षा हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र पाकिस्तान की तरफ बढ़ गया है। मानसून ट्रफ ग्वालियर से होकर गुजर रहा है। वर्तमान में वातावरण में नमी कम होने के कारण बादल छंटने लगे हैं। इससे वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगी है। हालांकि गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मध्य प्रदेश में कुल 772.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा 651.4 मिलीमीटर की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह राजधानी में भी गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 1238.9 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। यह सामान्य 653.5 मिलीमीटर के मुकाबले 90 प्रतिशत अधिक है।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर कम दबाव का क्षेत्र बनने से राजधानी में शनिवार से वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके शुक्रवार को गहरे कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में वर्षा होने लगेगी। शनिवार को राजधानी सहित प्रदेश के अधिकतर जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।

Posted By: Ravindra Soni

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