भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। वैसे तो प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधि के तहत बीते दो-तीन से अच्छी बारिश हो रही है, लेकिन राजधानी भोपाल की बात करें तो यहां बूंदा-बांदी के अलावा कुछ नहीं हुआ है। बादल आते हैं, लेकिन बिन बरसे ही निकल जाते हैं। इधर गर्मी है कि कम होने का नाम नहीं ले रही। बीते दिनों हुई बूंदा-बांदी और वातावरण में नमी की वजह से उमस बढ़ गई है, जिसकी वजह से रात निकालना मुश्किल हो गया है। कूलर और पंखों का असर भी कुछ खास नहीं पड़ रहा है। आज शाम को भी भोपाल में बूंदाबांदी हो सकती है।

बता दें कि गुरुवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्‍सियस था, जो शनिवार से 1.2 डिग्री से. अधिक था। मौसम विज्ञानियों की मानें तो भोपाल को शुक्रवार को भी ऐसी ही गर्मी झेलनी पड़ेगी। बारिश की उम्मीद राजधानी में कम ही है। मौसम विज्ञानी वेद प्रकाश सिंह के अनुसार सोमवार को भोपाल सहित ग्वालियर, मुरैना, दतिया, सीहोर, शिवपुरी, निवाड़ी, नर्मदापुरम, साउथ विदिशा, सिवनी, बालाघाट में बिजली के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 30 किमी प्रतिघंटा रह सकती है। वहीं रायसेन और नरसिंहपुर में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। यहां पर हवा की गति 45 किमी प्रतिघंटा रहेगी।

ये प्रणालियां हैं सक्रिय

विज्ञानियों के अनुसार वर्तमान में एक नया पश्चिमी विक्षोभ ईरान के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई तक फैले चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। वहीं उत्तरी बिहार के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर सक्रिया चक्रवातीय परिसंचरण के साथ-साथ मध्यम क्षोभमंडल में ट्रफ भी अवस्थित है। वहीं पूर्व-पश्चिम ट्रफ लाइन पश्चिमोत्तर राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़-ओडिशा तक गुजर रही है। जबकि अन्य उत्तर-दक्षिण ट्रफ कर्नाटक से होते हुए कोमरीन सागर तक विस्तृत है। आज दक्षिण पश्चिमी मानसून अरब सागर में मालदीव और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी में और आगे बढ़ गया है।

Posted By: Ravindra Soni

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