Bhopal Weather Update : भाेपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून ने भले ही राजधानी में आमद दर्ज करा दी है, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण अपेक्षित वर्षा नहीं हाे रही है। हालांकि तापमान बढ़ने के कारण दाेपहर के बाद बादल छाने लगते है अौर गरज–चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने लगती हैं। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक शुक्रवार काे भी दाेपहर तक उमस परेशान करेगी। इसके बाद गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। उधर पिछले 24 घंटाें के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े अाठ बजे तक इंदौर में 50, खंडवा में 39, खरगाेन में 29.4, पचमढ़ी में 21.2, सिवनी 15.6, नर्मदापुरम में 13.2, सागर में 12.8, रायसेन में चार, मलाजखंड में चार, उमरिया में 3.4, रीवा में 2.2, धार में दाे, रतलाम में दाे, भाेपाल में 1.8, नरसिंहपुर में एक, छिंदवाड़ा में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुर्इ। जबलपुर में बूंदाबांदी हुर्इ।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि चार दिन से द क्षि ण–मानसून एक ही स्थान पर ठहरा हुअा है। अरब सागर या बंगाल की खाड़ी में किसी प्रभावी मौसम प्रणाली के सक्रिय नहीं रहने के कारण मानसून काे अागे बढ़ने के लिए ऊर्जा नहीं मिल पा रही है। हालांकि अलग–अलग स्थानाें पर सक्रिय चार मौसम प्रणालियाें के असर से कुछ नमी मिल रही है। इस वजह से राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलाें में बौछारें पड़ने का सिलसिला बना हुअा है। शुक्रवार काे शहर का न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जाे सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। यह गुरुवार के न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस तापमान की तुलना में 1.6 डिग्री सेल्सियस कम रहा।

ये मौसम प्रणालियां है सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षाेभ पाकिस्तान अौर उससे लगे जम्मू–कश्मीर में हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात के रूप में बना है। दक्षिणी गुजरात से केरल तक एक अपतटीय द्राेणिका लाइन है। दक्षिण–पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुअा है। अरब सागर के महाराष्ट्र तट पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुअा है। इन चार मौसम प्रणालियाें के असर से कुछ नमी अाने के कारण राजधानी सहित मध्यप्रदेश के अलग–अलग जिलाें में गरज–चमक के साथ वर्षा हाे रही है। हालांकि सुबह से धूप निकलने पर उमस परेशान करने लगती है। दाेपहर बाद तेज बादल छाने एवं तेज रफ्तार से हवा चलने से कुछ राहत मिलती है। शुक्रवार काे भी दाेपहर के बाद बौछारें पड़ सकती हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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