धनंजय प्रताप सिंह, भोपाल। पंद्रह साल बाद सत्ता से बेदखल हुई भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ इन दिनों दो-दो मोर्चे खुले हुए हैं। राजगढ़ के थप्पड़कांड के खिलाफ हल्ला बोलने निकली भाजपा की सियासी लड़ाई तो कमलनाथ सरकार के खिलाफ चल ही रही है पर भाजपा नेताओं के बचकाने बयान से दूसरे मोर्चे पर उसे ब्यूरोक्रेसी (अफसरशाही) का विरोध झेलना पड़ रहा है।

राजगढ़ की महिला कलेक्टर के खिलाफ पूर्व राज्य मंत्री बद्रीलाल यादव और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के आपत्तिजनक बयान ने भाजपा को ही बैकफुट पर ला दिया है। इस मामले में कमलनाथ सरकार अपनी कूटनीति में सफल रही। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अफसरों को जो फ्री हैंड दिया, उसी का नतीजा है कि इन दिनों सारी अफसरशाही भाजपा के खिलाफ खड़ी हो गई है।

सियासी मोर्चों पर घिरी भाजपा

भारतीय जनता पार्टी का सियासी मोर्चा इन दिनों चारों दिशाओं से घिरा हुआ है। प्रदेशाध्यक्ष के मोर्चे पर पार्टी के ही नेताओं के बीच अंदरूनी सियासत चल रही है। इधर कांग्रेस सरकार से लड़ाई में वह जितने कदम आगे बढ़ती है, नेताओं की बदजुबानी के चलते उसे उतना ही पीछे हटना पड़ता है।

दरअसल कांग्रेस सरकार ने जब से माफिया और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया, तभी से अफसरशाही के साथ भाजपा के संबंध बिगड़े। इसके बाद सीएए की राजगढ़ रैली ने आग में घी डालने का काम कर दिया। कलेक्टर निधि निवेदिता और डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को थप्पड़ क्या जड़े, अफसरशाही के साथ भाजपा का नया पंगा खड़ा हो गया।

भार्गव के बयान से 'लाल" हुए अफसर

राजगढ़ में 22 जनवरी को मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने जो भाषणबाजी की, उससे अफसरशाही आगबबूला हो गई। भार्गव ने कहा था कि 'अरे मेडम, जिस संविधान के तहत यूपीएससी से आपकी नियुक्ति हुई है, उसी संविधान संशोधन का औचित्य हमारे कार्यकर्ता समझा रहे थे। ये संविधान नहीं होता तो आप घर में बैठकर रोटी बना रही होतीं, चूल्हा-चौका कर रही होतीं।" नेता प्रतिपक्ष के इस बयान ने अफसरशाही को लाल कर दिया।

आईएएस ने निकाली भड़ास

सोशल मीडिया पर भी आईएएस अफसरों ने राजगढ़ मामले की खूब भड़ास निकाली। अफसरों ने नेताओं को डकैत और घपलेबाज तक कहा। आरोप लगाया कि ऐसे लोग न्यायाधीश बने घूम रहे हैं।

आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष आईसीपी केसरी ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती को पत्र लिखकर अपनी नाराजी जताई। इसके बाद से भाजपा और अफसरों के बीच खटास और बढ़ गई। भाजपा के पूर्व राज्यमंत्री का विवादास्पद बयान महिलाओं के बीच में भी अच्छा नहीं माना गया। पढ़े-लिखे तबके में तो इस बयानबाजी के कारण नाराजगी है ही।

भार्गव बोले, अफसर देवपुरुष हैं

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने आईएएस अफसरों के कमेंट के जवाब में फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यही 'देवपुरुष" जनता की गाढ़ी कमाई को लूट कर अप्सराओं के साथ 'मधुपान" करते हैं और फिर 'ट्रैप" में फंसते हैं, तब जाकर एक वीडियो के बदले एक करोड़ रुपए तक देते हैं। यह पैसा कहां से आता है? ऐसे लगभग आठ देवपुरुषों के वीडियो मेरे एक परिचित के पास हैं। मैं चाहता तो सब खुलासा करता, लेकिन मैं यह नहीं चाहता कि यह गंदगी फैले और मेरा मध्यप्रदेश पूरे देश और दुनिया में कुकर्मी प्रदेश के रूप में जाना जाए।

- कांग्रेस इस घटनाक्रम को अलग मोड़ देने का प्रयास कर रही है। भाजपा का मानना है कि अफसरशाही हमारी लोकतांत्रिक भावनाओं के महत्व को समझती है। जहां तक कुछ अफसरों की बात है तो उन्हें राजनीतिक टकराव की स्थितियों में कांग्रेस का टूल नहीं बनना चाहिए। - डॉ. दीपक विजयवर्गीय, मुख्य प्रवक्ता, भाजपा मप्र

Posted By: Sandeep Chourey

fantasy cricket
fantasy cricket