भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। विधानसभा अध्यक्ष का निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद उपाध्यक्ष पद का चुनाव होना है। भाजपा यह पद कांग्रेस को नहीं देने का निर्णय कर चुकी है। वहीं, कांग्रेस परंपराओं को हवाला देकर नैतिक दबाव बना रही है। हालांकि, अब तक संकेत नहीं मिलने से चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ के आवास पर मंगलवार देर शाम वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी हुई।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं को उम्मीद थी कि अध्यक्ष के चुनाव के बाद उपाध्यक्ष पद को लेकर सत्तापक्ष की ओर से सकारात्मक संदेश आएगा पर ऐसा नहीं हुआ। इसे देखते हुए नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में संकेत दिए कि पार्टी चुनाव को लेकर रणनीति बना रही है।

वहीं, संसदीय कार्य मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्हें यह पद क्यों मिलना चाहिए। वे 15 माह के लिए पावर में आए तो क्या उन्होंने हमें पद दिया था। हमारी बहुमत की सरकार है। चुनाव जीतकर आए हैं। मैं इस पक्ष का बिलकुल भी नहीं हूं कि उन्हें (कांग्रेस) यह पद दिया जाए। कांग्रेस नेता कहते हैं हमने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। वो सरकार अल्पमत की सरकार थी। इनको मन बड़ा करना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने सदन में सोमवार को परंपराओं के पालन करने की बात कही है। इसका पालन नहीं होता है तो फिर हम चुनाव में जाएंगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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