-चैत्र नवरात्र में मंदिरों के सामने पुलिस का पहरा, लॉक डाउन से मंदिर बंद

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुमार सोमवारा चौक स्थित कर्फ्यू वाली का दरबार मां भवानी मंदिर और तलैया थाना स्थित कालीघाट मां कालिका मंदिर में चैत्र नवरात्र में भक्ति-आराधना का शोरगुल सुनाई नहीं दे रहा है। कोरोना वायरस के चलते पूरा शहर लॉकडाउन में है। यही स्थिति मंदिरों में भी बनी हुई है। माता रानी को प्रसन्न करने व उनकी भक्ति-आराधना के शुभ दिन नवरात्र ही होते हैं। लोग नौ दिनों तक माता रानी के नौ रूपों की पूजा-उपासना करते हैं, लेकिन इस बार महामारी के चलते मंदिर के दरबाजे ही भक्तों के लिए बंद हैं। हालांकि इक्का-दुक्का जो लोग मंदिर पहुंच रहे हैं, वे भी बाहर से ही अगरवत्ती और जल चढ़ाकर मिनटों में ही अपने घरों के लिए निकल जाते हैं।

मां भवानी मंदिरः दरवाजे पर ही झुकाया शीष

सोमवारा चौक स्थित मां भवानी मंदिर नवरात्र में शहर का मुख्य धार्मिक स्थल है, जहां इन दिनों सन्नाटा पसरा है। इस चौराहे पर भक्तों की भीड़ तो दिखाई नहीं दे रही, बल्कि पुलिस का पहरा जरूर लगा है। हालांकि भक्तों को पुलिस के पहरे से ऐतराज नहीं है, बल्कि उन्हें कोरोना वायरस का खतरा सता रहा है। यही वजह है कि मंदिर के आसपास इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई देते हैं। वह भी मंदिर में विराजमान मां भवानी के दरबार में दूर से शीष झुकाकर अपनी भक्ति पूरी कर रहे हैं। मंदिर समिति के रमेश सैनी ने बताया कि मंदिर में पुजारी ही दोनों समय की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तों के आने पर सख्त पाबंदी लगाई गई है। दरबाजे पर मंदिर नहीं आने की अपील का बोर्ड भी लगाया है।

मां कालिका दरबार : शाम की आरती में चार-पांच लोग ही पहुंचे

यादगारे शाहजहांनी पार्क तलैया थाने के पास कालीघाट मां कालिका मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी भीड़ उमड़ती थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते लगे लॉक डाउन से भक्त दिखाई नहीं दे रहे हैं। सुबह-शाम की पूजा-आरती में सिर्फ चार-पांच लोग ही शामिल हो रहे हैं। मंदिर समिति के प्रबंधक रजनीश सिंह बगवार ने बताया कि पहली बार ऐसा हो रहा है, जब नवरात्र जैसी शुभ घड़ी में मंदिर में भक्त दिखाई नहीं दे रहे हैं। कोरोना वायरस का हम सभी पर खतरा मडरा रहा है। लोगों को अपनी-अपनी सुरक्षा के साथ घरों पर ही पूजा-ध्यान करना चाहिए। मंदिर को पूरी तरह से सैनिटाइजर किया है। फिर भी भक्तों के लिए मंदिर बंद रखा है।

घर पर ही की पूजा-आरती

नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की घर-घर में पूजा-अर्चना की गई। सिंधी कॉलोनी में बच्चों ने अपने घर में मां अंबे की पूजा-आरती कर मां से कोरोना वायरस से मुक्ति की प्रार्थना की। इधर, बरखेड़ी फाटक स्थित मां कालका दरबार में हरे-हरे तोरण सजाए। इसके बाद पूजा-अर्चना की गई। इसके अलावा लालघाटी स्थित गुफा मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, मारावाड़ी रोड स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर, अशोका गार्डन स्थित नौ देवी दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना की गई।

माता के भक्ति गीत भी नहीं दे रहे सुनाई

जनता कर्फ्यू के चलते जहां भक्त देवी जी के मंदिरों में जाने से कतरा रहे हैं, वहीं मंदिर में दुर्गा जी के भक्ति गीत भी सुनाई नहीं दे रहे हैं। मंदिर एक प्रकार से सूने पड़े हैं। जबकि गत वर्षों में नवरात्र में पूरे नौ दिनों तक मंदिरों में भक्ति गीत दिन-रात सुनाई देते रहते थे।

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