भोपाल (स्टेट ब्यूरो)। मप्र के नगरीय निकाय अब नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो जैसे इंटरनेट पर सेवा देने वाली कंपनियों पर भी मनोरंजन कर लगाएंगे। इसके लिए इन कंपनियों को नगरीय निकायों में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और अपना टर्नओवर बताना होगा। इस आधार पर नगरीय निकाय इन कंपनियों पर मनोरंजन कर लगाएगा। मनोरंजन कर को लेकर गुरुवार को नगरीय विकास विभाग ने बड़े शहरों और संयुक्त संचालकों की बैठक हुई। इसमें नगरीय निकायों को मनोरंजन कर लगाने के तरीके और इसकी प्रक्रिया समझाई गई।

बैठक में नगरीय निकायों और विशेषज्ञों ने मनोरंजन कर लगाने को लेकर कुछ सुझाव भी दिए। जिन्हें विभाग जल्द ही लागू करेगा। इसके लिए मनोरंजन कर लगाने के नियमों में कुछ संशोधन किया जाएगा। अब सिनेमाघरों पर टर्नओवर के आधार पर मनोरंजन कर लगाने की बजाय टिकट के ऊपर मनोरंजन कर लगेगा। इससे मनोरंजन कर की गणना भी आसान हो सकेगी।

मनोरंजन कर के लिए निर्धारित होंगे स्लैब

मनोरंजन कर लगाने के लिए कुछ स्लैब भी निर्धारित किए जाएंगे। अभी नगरीय विकास विभाग ने निकायों को 20 प्रतिशत तक टैक्स लगाने का अधिकार दिया है। अब विभिन्न सेवाओं के लिए मनोरंजन कर के अलग-अलग स्लैब तैयार की जाएंगे और निकाय उसी स्लैब में टैक्स लगा सकेंगे। इससे टैक्स में एकरूपता भी आएगी।

प्रति सेट टॉप बॉक्स के हिसाब से लगेगा टैक्स

सेट टॉप बॉक्स पर भी सभी नगरीय निकाय मनोरंजन कर लगाकर अपनी आय बढ़ाएंगे। अब प्रति सेट टॉप बॉक्स पर मनोरंजन कर वसूला जाएगा। इससे यह सेवाएं महंगी हो सकती हैं।

टैक्स ऐसे लगाएं कि फूल से रस निकल जाए और फूल भी खराब न हो

बैठक में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि नगरीय निकाय सभी सेवाओं पर चाणक्य नीति का उपयोग कर टैक्स लगाएं। उन्होंने कहा कि टैक्स इतना ही लगाएं कि फूल से रस भी निकल जाए और फूल भी खराब न हो। नगरीय विकास आयुक्त गुलशन बामरा ने कहा कि सभी अधिकारी उनके निकाय में प्रदाय होने वाली सेवाओं, सेवा प्रदाताओं की सूची बना लें। इसके बाद सभी को इस बारे में जानकारी दी जाए। बैठक में संयुक्त संचालक मयंक वर्मा और अन्य विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

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