भोपाल। ऐसे मामले बेहद ही कम देखने को मिलते हैं जब सात फेरे साथ लेने वाले इस संसार को भी साथ में अलविदा कहें। ऐसा ही एक मामला हुआ है एडमिशन एंड फीस रेग्युलेटरी कमेटी (एएफआरसी) के दफ्तर में। फीस कमेटी में संविदाकर्मी पत्नी सोमवार को काम के दौरान अचानक बेहोश हो गई। इसकी सूचना देकर नजदीक के हास्टल में रहने वाले पति को बुलाया गया। पति वहां पहुंचे तो पत्नी को बेहोश देखा तो उन्होनें पत्नी का नाम लिया। नाम लेने के साथ ही वे भी बेहोश हो गए। जब अस्पताल ले जाया गया तो पता चला कि दोनों की साथ में मौत हो चुकी है।

मंगलवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार राजधानी के विश्राम घाट पर किया गया। जहां फीस कमेटी के चेयरमेन कमलाकर सिंह, सचिव आलोक चौबे समेत अन्य लोग शामिल हुए।

फीस कमेटी में साल 2008 से संविदाकर्मी 55 वर्षीय वंदना राहुरकर सोमवार को अचानक बेहोश हो गई थी। वे अपने पति दिलीप के साथ कमेटी के नजदीक बने हास्टल में रहती थी। उनके बेहोश होने की सूचना उनके पति दिलीप को दी गई। थोड़ी ही देर में उनके पति वहां पहुंचे तो उन्होनें देखा कि पत्नी बेहोश पड़ी हुई है। यह देखते ही उन्होनें पत्नी का नाम लिया और खुद भी बेहोश होकर गिर पड़े। दोनों को आनन फानन में नजदीक के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया। जहां बताया गया कि दोनों की मौत हो चुकी है। दोनों का अंतिम संस्कार साथ में किया गया जहां उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।

30 साल पहले हुआ था विवाह

मूलतः होशंगाबाद के रहने वाले दिलीप का वंदना के साथ करीब 30 साल पहले विवाह हुआ था। वे तकनीकी शिक्षा विभाग से करीब डेढ़ साल पहले रिटायर हुए थे। उनका बेटा और बेटी है।