भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)।

सोचा था कि भांजे की शादी धूमधाम से करेंगे। बड़ी संख्या में मेहमानों को आमंत्रित करेंगे लेकिन कोरोना ने सब कुछ बदल दिया। शादी करना जरूरी थी इसलिए शादी की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया। परिवार के सभी लोगों ने फैसला लिया कि 26 नवंबर गुरुवार को शादी का मुहूर्त है। इसी में शादी करेंगे। कोरोना को देखते हुए बारात नहीं निकाली। भोज में काढ़े का स्टाल लगाया। यह कहना है सुभाष नगर निवासी इंजीनियर विनोद जैन का।

उन्होंने बताया कि गुरुवार को लालघाटी जैन मंदिर प्रांगण में भांजे, शांत जैन की शादी का आयोजन हुआ। 50 मेहमानों को ही बुलाया गया। पन्‍ना से बेटी वाले भोपाल आए। प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की बोतल रखी गई। सभी ने मास्क लगाए। थर्मल स्क्रीनिंग से सभी मेहमानों के शरीर का तापमान मापा गया। सभी को काढ़ा पिलाया गया। इधर शहर में होने वाली शादियों से पहले दुल्हन व दूल्हा, माता पूजन के लिए मास्क लगाकर मंदिरों में गए। माता पूजन कार्यक्रमों में 10 से 12 लोग ही शामिल हुए। 30 नवंबर को होने वाली शादियों के लिए भी कोरोना से बचाव के प्रबंधन किए जा रहे हैं। होशंगाबाद रोड, लालघाटी, एयरपोर्ट, कोलार, भेल, करोंद, अयोध्या बायपास, आनंद नगर सहित कई स्थानों पर स्थित मैरिज गार्डनों में प्रबंधन की ओर से कोरोना से बचाव के लिए प्रबंध किए गए हैं। गुस्र्वार को हुई शादियों में बिना मास्क व हाथों को सैनिटाइज करने पर ही प्रवेश दिया गया। भोज के लिए पास-पास पकवानों के स्टाल नहीं लगाए गए। दो-दो गज की दूरी पर स्टाल लगे। शादी-समारोह में बार-बार सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाने का माइक से एनाउंसमेंट किया गया।

Posted By: Ravindra Soni

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