- भेल गोविंदपुरा इंटक भवन में युवा इंटक कार्यकारणी की बैठक संपन्न

भेल। नवदुनिया प्रतिनिधि

मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपने पर तुली है। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आई, वैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भेल, रेलवे सहित अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी शुरू कर दी। कुछ ट्रेन व रेलवे स्टेशन निजी एजेंसियों को दिए जा चुके हैं।

केंद्र सरकार धीरे-धीरे सार्वजनिक उपक्रमों के शेयर बेचती जा रही है। यदि समय पर एकजुट नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं, जब भेल का निजीकरण हो जाएगा। निजीकरण व विनिवेशीकरण का विरोध तेज करने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि पटरियों पर बैठ कर ट्रेन रोकनी होंगी, तभी सरकार यूनियनों की ताकत समझेगी। यह बात युथ इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय गाबा ने कही। वे भेल गोविंदपुरा स्थित मप्र इंटक भवन में आयोजित मप्र यूथ इंटक की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मजदूर के हितों का ध्यान नहीं रख रही है। ट्रेड यूनियनें अब नहीं चेती तो भविष्य में सार्वजनिक उपक्रम उद्योगपतियों के हाथों में चले जाएंगे। मप्र यूथ इंटक के अध्यक्ष मिथलेश तिवारी ने कहा कि जल्द ही जिला व ब्लॉक स्तर पर इंटक को और मजबूत करने के लिए काम किया जाएगा। बैठक में इंटक के मप्र के प्रांताध्यक्ष आरडी त्रिपाठी, उपाध्यक्ष गौतम मौरे, यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव राहुल त्रिपाठी, मप्र विद्युत फेडरेशन के महामंत्री बीडी गौतम सहित बड़ी संख्या में यूथ इंटक के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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