राजीव सोनी, भोपाल। मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने जिला और तहसील मुख्यालयों पर मौजूद रेस्ट हाउस व उनकी बेशकीमती जमीनों पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने का प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग ने 39 चुनिंदा रेस्ट हाउस को चिह्नित कर अरबों रुपए मूल्य की प्रॉपर्टी को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में निजी क्षेत्र को देने की योजना बनाई है। लोनिवि मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस प्रस्ताव को फिर से परीक्षण करने को कहा है। लोक निर्माण विभाग के पास प्रदेश में 400 से अधिक अतिथि गृह हैं। इनमें से कई रेस्ट हाउस ऐसे हैं जहां तैनात स्टाफ और भवन का रखरखाव भी उसे महंगा लगने लगा है।

विभाग का कहना है कि पर्यटन विकास निगम के जरिए ये प्रॉपर्टी निजी क्षेत्र को पीपीपी मोड पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए सौंपी जाएंगी। यह भी चर्चा है कि इसके पीछे अपने लोगों को उपकृत करने की तैयारी भी है। जिला और तहसील मुख्यालयों पर स्थित इन रेस्ट हाउस के साथ मौजूद प्राइम लोकेशन की जमीनें अब आसमान छूने लगी हैं।

ये हैं बेशकीमती प्रॉपर्टी वाले जिले

विभाग ने जिन रेस्ट हाउस की सूची बनाई है, उनमें सागर, शहडोल, होशंगाबाद, उज्जैन, रतलाम, इंदौर, सीहोर, कटनी, रायसेन, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, उमरिया एवं अनूपपुर जिले शामिल हैं। इनके अलावा पिपरिया, सीहोरा, बीनागंज एवं ब्यावरा जैसे कई नगरों के ऐसे रेस्ट हाउस भी चिन्हित किए गए हैं, जो बायपास पर अथवा मुख्य मार्ग पर स्थित है। व्यवसायियों की नजर रेस्ट हाउस और उनकी जमीनों पर है, जिनकी कीमतें करोड़ों-अरबों रुपए बताई जा रही है।

होटल, दुकानें और शादीघर

विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन रेस्ट हाउस और उनकी जमीनों पर कमर्शियल दुकानें, शादीघर और अस्थायी होटल बनाने की अनुमति मिलेगी। साथ ही विभागीय अधिकारियों को वहां ठहरने के लिए विशेष सुविधा रहेगी। विभाग के अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि ऐसे रेस्ट हाउस की संख्या करीब 50 से अधिक है।

परीक्षण के लिए रोका प्रस्ताव

प्रदेश के सभी जिले और तहसीलों में रेस्ट हाउस और उनके साथ मौजूद जमीनें विभाग की प्रॉपर्टी हैं। इनमें से कुछ चिन्हित रेस्ट हाउस को पर्यटन विकास निगम के जरिए निजी क्षेत्र को सौंपने का प्रस्ताव आया है, लेकिन हमने उसे पुन: परीक्षण के लिए रोक दिया है। अपनी बेशकीमती प्रॉपर्टी टूरिज्म अथवा किसी अन्य एजेंसी को सौंपने के बजाय हम स्वयं ही विभाग की आमदनी बढ़ाने का रास्ता निकालेंगे। - सज्जन सिंह वर्मा, मंत्री लोक निर्माण विभाग मप्र

शासन को भेजी 39 रेस्ट हाउस की सूची

विभाग ने विभिन्ना जिलों में मौजूद अपने 39 चुनिंदा रेस्ट हाउस और उनके परिसर को व्यावसायिक उपयोग के लिए पर्यटन विकास निगम को सौंपने की योजना बनाई है। यह प्रस्ताव अभी शासन के पास विचाराधीन है। - आरके मेहरा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग मप्र

Posted By: Sandeep Chourey

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