भोपाल। शहर के विकास कार्यों को लेकर निर्माण एजेंसियों का आमने-सामने होना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन एक मामले में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी से लेकर मंत्री तक विवाद में उलझ गए हैं। स्थिति ऐसी बनी की अब मुख्यमंत्री द्वारा बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। मसला पीडब्ल्यूडी और मप्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन के बीच का है। दोनों ही एजेंसियों में विवाद मेट्रो प्रोजेक्ट व मानसरोवर कांप्लेक्स से मैदा मिल तक प्रस्तावित फ्लाइओवर को लेकर है। दरअसल, एक ही रूट पर दोनों प्रोजेक्ट पर काम किया जाना है। एक ओर मेट्रो का काम जारी है तो दूसरी ओर फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। जब पीडब्ल्यूडी ने सर्वे कर डिजाइन तैयार की तो मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने इस निर्माण पर आपत्ति जताई। समस्या के हल के लिए दोनों ही एजेंसियों के अधिकारियों ने मौका मुआयना भी किया, लेकिन नतीजा सिफर ही निकाला।

प्रमुख सचिव स्तर तक हुई बैठक रही बेनतीजा

मेट्रो रेल कार्पोरेशन के अधिकारियों ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अफसरों को मामले से अवगत कराया था। ऐसा ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने किया। लिहाजा प्रमुख सचिव स्तर पर निर्माण कार्य को लेकर बैठकों के साथ पत्रचार भी किया गया। मेट्रो रेल कार्पोरेशन की आपत्ति के कारण मामले का हल नहीं हो सका।

मंत्री स्तर पर भी नहीं निकला हल

अधिकारियों के बीच ठनी तो मामला पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह के पास पहुंचा। दोनों ही मंत्रियों ने अधिकारियों से जानकारी ली। राजनीतिक अंतर कलह के कारण इस मामले का हल नहीं निकल सका है। गुरुवार को दोनों मंत्रियों ने सीएम के हस्ताक्षेप के बाद सिर्फ इंदौर के मेट्रो व पीडब्ल्यूडी के प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की, लेकिन मानसरोवर फ्लाइओवर मामले में दोनों ही मंत्रियों का अड़ियल रवैया नजर आ रहा है। उनका कहना है कि हम अपने प्रोजेक्ट में बदलाव नहीं करेंगे। बता दें कि यह राजनीतिक कहल मंत्री जयवर्धन सिंह के पिता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के बीच तनातनी व विवादित बयानों के कारण है।

पीडब्ल्यूडी ने यह दिया था सुझाव

अप्रैल में दोनों ही निर्माण एजेसियों की बैठक बुलाई गई थी। पीडब्ल्यूडी ने सुझाव में कहा था कि देश में कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां मेट्रो और फ्लाईओवर जैसे प्रोजेक्ट एक साथ हैं। इसमें नीचे फ्लाईओवर पर वाहन चलेंगे और टॉप फ्लोर पर मेट्रो। नागपुर में यह प्रयोग सफल रहा है। पीडब्ल्यूडी को मानसरोवर कांप्लेक्स से प्रगति पेट्रोल पंप, बोर्ड ऑफिस चौराहा, डीबी मॉल, गायत्री मंदिर होते हुए मैदा मिल तक 1800 मीटर प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण करना है।

मेट्रो की यह रही आपत्ति

मेट्रो अधिकारियों ने बैठक में कहा था कि मेट्रो लाइन टू पर टेंडर के साथ सिविल वर्क भी शुरू हो गया है। इसमें करोंद से एम्स तक 14.99 किमी रूट पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता। साथ ही सुभाष नगर से एम्स तक सिविल वर्क के तहत एलिवेटर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। 277 करोड़ की लागत से इस निर्माण के लिए डिजाइन भी तैयार कर ली गई है।