भोपाल (राज्य ब्यूरो)। कोरोना की तीसरी लहर और नए वैरिएंट का खतरा अभी बना हुआ है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। कई पात्रों का टीकाकरण होना बाकी है। ऐसे में एक दम से सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए प्रतिबंधों को हटाना ठीक नहीं था। स्कूलों को सौ प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने का निर्णय भी सोच-समझकर नहीं लिया गया। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कही। उन्होंने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने के साथ कोरोना की रोकथाम के लिए गाइड लाइन का पालन कराया जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि जब मुख्यमंत्री ने जब 17 नवंबर को कोरोना को लेकर लागू तमाम प्रतिबंध को हटाने का एकाएक निर्णय लिया था, तभी इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। दरअसल, अभी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है और अब नए वैरिएंट की बात सामने आ रही है। हालांकि, यह देश में नहीं है पर कोरोना संक्रमण के प्रकरण बढ़ते जा रहे हैं। सरकार ने स्कूलों को 50 प्रतिशत की क्षमता से संचालित करने और आनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया है। अब सरकार को चाहिए कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े कदम उठाए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करे और अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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