भोपाल। मैनिट (मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में बिजली केबल बिछाने में अवैध तरीके से हुए भुगतान के आरोपों को लेकर बुधवार को भोपाल सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापामार कार्रवाई की। सीबीआई ने ठेके से जुड़ी कई फाइलें भी जब्त की हैं। इस दौरान दिल्ली से आई मानव संसाधन विकास मंत्रालय की चीफ विजिलेंस ऑफिसर (सीवीओ) की टीम भी मौजूद थी। कार्रवाई करीब सात घंटे चली। फाइलें खंगालने के बाद इस मामले में जल्द एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

दरअसल, मैनिट में साल 2017 में हॉस्टल के लिए केबल बिछाई गई थी। इसके एवज में ठेकेदार को 37 लाख रुपए का भुगतान किया गया था। एमएचआरडी को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यही काम पहले भी कराया जा चुका था। जिसका भुगतान भी हो चुका था। इसके बावजूद एक ही काम के लिए दो अलग-अलग एजेंसियों को भुगतान किया गया। इस आधार पर सीवीओ की टीम सीबीआई के साथ बुधवार को मैनिट पहुंची। इस दौरान टीम ने ठेके से जुड़ी सभी फाइलों को जब्त कर लिया।

साथ ही सीबीआई ने मैनिट के अधिकारियों के साथ मौका मुआयना भी किया। सीबीआई की टीम करीब एक दर्जन अधिकारियों के साथ सुबह 11बजे मैनिट पहुंच गई थी, जो शाम छह बजे संस्थान से बाहर निकली।

डायरेक्टर चले गए अवकाश पर मैनिट में चीफ विजिलेंस ऑफिसर की टीम आने की जानकारी डायरेक्टर एनएस रघुवंशी को लग गई थी। साथ ही उन्हें पता था कि सीवीओ अपने साथ सीबीआई भी लेकर आएगी। वे इस मामले से खुद को दूर रखना चाहते थे। इस वजह से डायरेक्टर रघुवंशी अचानक एक दिन के अवकाश पर चले गए। उनकी गैर मौजूदगी में मैनिट के रजिस्ट्रार ने सीबीआई को टेंडर की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी।

अधीक्षण यंत्री खरे के कार्यकाल का है मामला

यह पूरा मामला जिस समय का है उस दौरान मैनिट में अधीक्षण यंत्री राजेन्द्र खरे थे। खरे के खिलाफ शिकायत एमएचआरडी से लेकर सीबीआई को मिली है। इनमें आर्थिक अनियमितताओं के मामले भी शामिल हैं।

मैनिट में दिनभर रहा गहमागहमी का माहौल

मैनिट में दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। प्रोफेसर से लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच इसी बात को लेकर चर्चा चलती रही कि सीबीआई की टीम आई क्यों है। इसकी वजह है मैनिट से कई लोगों ने आर्थिक अनियमिताओं से लेकर भर्ती घोटालों की शिकायत कर रखी है।

Posted By: Saurabh Mishra