भोपाल(नवदुनिया रिपोर्टर)। चार्टर्ड अकाउंटेंट दिवस यानी सीएडे एक जुलाई को मनाया जा रहा है। 1949 में आज को दिन ही इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की स्थापना की गई थी। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया को संसद में पास एक एक्ट के तहत स्थापित किया गया था। चार्टर्ड अकाउंटेंट को सम्मान देने के लिए सीए डे मनाया जाता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट देश की वित्तीय स्थिति को दिशा देता है। हमने सीए दिवस के मौके पर बाजार के वित्तीय परिदृश्य पर शहर के चुनिंदा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से चर्चा की है। उन्होंने कोविड-19 के दौर में वित्तीय हालात बताते हुए यह भी बताया है कि इस चुनौती से किस तरह पार पाया जा सकता है।

1) वीडीआईएस की जरूरत ताकि धन आए

लॉकडाउन के कारण बाजार में मांग और आपूर्ति की श्रृंखला टूट गई है। इस वक्त बाजार में नकद नहीं है। नया फंड नहीं आ रहा है। अनलॉक होना शुरू हुआ है लेकिन पूरा लॉकडाउन खत्म होने और बाजार में कोविड से पहले जैसी स्थिति आने में तीन महीने और लगेंगे। अभी मध्य और निम्न वर्ग बहुत प्रभावित है। इस वर्ग के पास ज्यादा से ज्यादा दो महीने तक की बचत होती है। मध्यवर्ग की साल भर की जो सेविंग होती है वह उसका भी 75 फीसद निवेश कर देता है। जो निवेश किया है उसकी कीमत भी ज्यादा नहीं रह गई है। रोजगार घट गए हैं। 70 से 80 फीसद उद्योग लगभग 50 फीसद कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। फंड की कमी तो है ही। दिसंबर-जनवरी तक कुछ स्थिरता आएगी और आगे का रास्ता तय होगा। उपभोक्ता वस्तुएं जैसे कपड़े और जूते जैसे आईटम तीन महीने तक रखे रहते हैं तो फिर नहीं बिक पाते । इनकी क्रेडिट चेन भी टूट गई है। अब सेल आदि लगाकर ये अपना कामकाज पटरी पर लाएंगे। अभी उपभोक्ता वस्तुएं जैसे खाने-पीने की चीजों सरकार को बाजार में नकद लाने के लिए वीडीआईएस यानी की स्वैच्छिक रूप से काला धन जाहिर करने की योजना लाना चाहिए।जुबेर उल्ला खान, चेयरमैन,आईसीएआई, भोपाल ब्रांच

2) सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर और रीयल इस्टेट वाले कामों को गति देनी होगी, जिससे मनरेगा और रीयल इस्टेट में रोजगार मिलेगा, इससे बाजार में नकदी वापस आएगी और कैश फ्लो सुधरेगा। सरकार को ईज ऑफ डूइंग यानी कि कामकाज के तरीके आसान और सुचारू करने होंगे ताकि उद्योगों का विकास हो, यह कदम उठाने से भी नकदी वापस आएगी। यह भी संभव है कि इन कदमों से मुद्रास्फीति यानी की महंगाई बढ़े लेकिन अभी तो बाजार को नकद की जरूरत है। समंक मोहबे, कोषाध्यक्ष भोपाल ब्रांच ऑफ आईसीएआई

3) बजट बनाकर काम करने की जरूरत

इस वक्त कारोबारियों, मिडिल क्लास को बजट बनाकर काम करने की जरूरत है। यदि आय के साधन कम हैं तो सिर्फ जरूरत की चीजें खरीदें। लोग यदि स्वदेशी सामान खरीदें तो हमारी करंसी हमारे देश में ही रहेगी, इस कारण हमें चीजें अधिक आयात करने की जरूरत भी नहीं होगी। इसके साथ ही हमारी निर्भरा दूसरे देशों पर खत्म होगी। जब तक कोविड संक्रमण की स्थति सामान्य नहीं हो जाती हमें इसी तरह आगे बढ़ना होगा। दीपक जैन, सीए

4) इस वक्त के आर्थिक हालात को तीन तरह से समझ सकते हैं। गुड्स और कोमोडिटी की सप्लाई चेन यानी सामान और वस्तुओं की आपूर्ति की कड़ी टूट गई है। उत्पादनकर्ता यानी कि मैनुफैक्चरिंग करने वालों को कच्चा माल नहीं मिल रहा, लॉकडाउन के कारण विभिन्ना राज्यों ने जो प्रतिबंध लगा रखे हैं,उससे यह स्थिति बनी है। हमारे मध्य निम्न वर्ग के उपभोक्ता के पास भी दो महीने से नकदी का संकट आ गया है।तीसरी बात यह है कि हमारे उत्पादनकर्ता यानी मैनुफैक्चरिंग इडस्ट्री जो पहले से ही आर्थिक मंदी की चपेट में थी वह कोरोना के चलते मांग में कमी के चलते और संकट में आ गई है। हमारी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा असंगठित क्षेत्र पर निर्भर है, इसमें सरकार को सब्सिडी,मुद्रा लोन, पेंशन सुविधा देनी चाहिए।इसके साथ रीयल इस्टेट में गाइड लाइन नहीं बढ़ाई जाए, लॉजिस्टिक क्षेत्र को समर्थन दिया जाए और एमएसएमई को ताकतवर बनाया जाए तो तीन महीने में कैशफ्लो आने लगेगा। व्यापारियों के लिए सरकार ने जीएसटी रिटन की तारीख आगे बढ़ा दी है व्यापारी एक जुलाई के बाद भी बिना पेनाल्टी के जीएसटी रिटन भर सकते हैं। - प्रदीप मुतरेजा,सीए

5) दूर रहते हुए कामकाज करने का तरीका विकसित किया

लॉकडाउन के दौरान सीखने का समय मिला है। रिमोट लोकेशन यानी दूर रहते हुए कैसे काम करना है यह तरीका विकसित हुआ है। जैसे हमने सूचना और प्रोद्यौगिकी का उपयोग करते हुए ही बैंक ऑडिट किया है और समय सीमा के भीतर पूरा काम किया। कंप्यूटर सिस्टम से पेपरलेस कामकाज करना व्यवहार में आया है जिसका क्लाइंट अभ्यस्त नहीं था। जहां तक आर्थिक परिदृश्य की बात है तो अभी मैनपावर कम है। असंगठित क्षेत्रों में जो मजदूर अपने घर चले गए हैं वे लौट नहीं रहे हैं। रुकी हुई अर्थव्यवस्था अब चलना शुरू हुई है जल्दी ही चीजें वापस पटरी पर आ जाएंगी। -कृष्णन सीए

Posted By: Nai Dunia News Network

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