भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ के छिंदवाड़ा स्थित निवास 'कमलकुंज" की बिजली सप्लाई ऊर्जा विभाग के लिए चुनौती बन गई है। सीएम के बंगले के फीडर में समस्या आने के कारण बिजली सप्लाई बाधित हुई तो डीई सुभाष नागेश्वर को एक महीने के अवकाश पर भेज दिया गया। वाकया 16 अप्रैल के दौरान आए आंधी-तूफान के समय का है। सीएम के बंगले की बार-बार बिजली जाने की शिकायत के बाद ऊर्जा विभाग के एसीएस आईसीपी केसरी से लेकर सीई तक को सक्रिय होना पड़ा।

एसई बचाव में, सीई खिलाफ

मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय श्रीवास्तव ने कमलकुंज में बिजली सप्लाई में आ रही बाधा से अपर मुख्य सचिव आईसीपी केसरी को अवगत कराया था। इसके बाद मुख्य अभियंता प्रकाश दुबे ने क्षेत्र का दौरा किया और नागेश्वर के खिलाफ कार्रवाई की। हालांकि अधीक्षण यंत्री योगेश कुमार सिंघई ने नागेश्वर का बचाव किया और कहा कि अघोषित कटौती किसी राजनीतिक दल के इशारे पर की गई हो, ऐसा कहना ठीक नहीं। सिंघई ने कहा कि तूफान की वजह से जो व्यवधान आए थे, उसे भी रातों-रात ठीक कर लिया गया था।

इधर चुनाव ड्यूटी करना पड़ेगी

सरकार के निर्देश पर नागेश्वर ने अर्जित अवकाश तो ले लिया, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई चुनाव ड्यूटी उन्हें करना होगी। कलेक्टर ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी तरह का अवकाश नहीं दिया जा सकता है। आचार संहिता के दौरान डीई पर की गई इस कार्रवाई से चुनाव आयोग की अनुमति भी नहीं ली गई।

नागेश्वर का आरोप, सीई ने मांगा चंदा

कमलकुंज की बिजली सप्लाई देखने वाले डीई नागेश्वर ने अपने जवाब में कहा कि सीई प्रकाश दुबे ने चुनाव के नाम पर 50-50 हजार रुपए का चंदा मांगा था।

आरोप झूठे, जानबूझकर बंद करता था बिजली: दुबे

मुख्य अभियंता प्रकाश दुबे ने नईदुनिया से कहा कि डीई नागेश्वर के सारे आरोप झूठे हैं, वो कार्रवाई से बचने के लिए चंदा मांगने की बात कर रहा है। सीएम के बंगले की बिजली पहले भी कई बार इसके द्वारा बंद करवाई गई। मैंने समझाया भी था। शोकाज नोटिस भी दिया था। वह बिजली बंद करके व्‍हाट्सएप के जरिए सोशल मीडिया पर माहौल बना रहा था। चुनाव में इसे मुद्दा बनाना चाहता था। नागेश्वर को हटाने के बाद अब कोई व्यवधान नहीं है।

Posted By: Hemant Upadhyay