भोपाल। लोकतंत्र का महायज्ञ मतदान के बिना पूरा नहीं हो सकता। नईदुनिया की 'चलो वोट करें' पहल बेहद सराहनीय है। चुनाव आयोग भी इस दिशा में कार्य कर रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें। यह कहना है मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव का। उन्होंने मिस्ड कॉल देकर नईदुनिया के अभियान का समर्थन किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग की मंशा है कि इस बार लोकसभा चुनाव में 75 प्रतिशत से अधिक मतदान हो। इसके लिए आयोग भी स्लोगन प्रतियोगिता, बूथ पर सेल्फी सहित कई नवाचार कर रहा है। दिव्यांग बूथ तक पहुंचकर बिना बाधा मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए आयोग स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद भी ले रहा है।

इसके साथ ही क्यूलेस मतदान के लिए भी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए भी क्यूलेस मतदान का इंतजाम बूथ पर रहेगा। ऐसे व्यक्ति जो व्यस्तता और लंबी कतार की वजह से मतदान करने नहीं जाते हैं, उनके लिए ऐप पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी है। इसके तहत ऐप के माध्यम से पहले रजिस्ट्रेशन करवाकर बूथ पर पहुंचने पर कतार में नहीं लगना होगा

रोजगार के लिए पलायन बड़ी चुनौती

कांताराव ने कहा कि चुनाव के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होती है रोजगार के लिए पलायन के बीच मतदान प्रतिशत बढ़ाना। बीते विधानसभा चुनाव में भी झाबुआ, बड़वानी सहित अन्य जिलों के कलेक्टरों ने अधिकारियों के दल गुजरात, महाराष्ट्र भेजे थे। वहां फैक्टरी संचालकों से आग्रह किया था कि वे अपने कर्मचारियों को मतदान के लिए भेजें। संचालकों ने अपने वाहन उपलब्ध करवाकर मजदूरी करने वालों को भेजा भी था।