चित्रों में दिखाया प्रकृति का आनंद-रस और रिश्तों की गर्माहट

- स्वराज विथि में पांच दिवसीय चित्र प्रदर्शनी शुरू

भोपाल। नवदुनिया रिपोर्टर

स्वराज विथि में सोमवार से पांच दिवसीय तस्वीर आर्ट प्रदशर्नी शुरू हुई। इसकी खासियत है कि प्रदर्शनी में शामिल हुए चित्रकारों की यह पहली प्रदर्शनी है। चित्रों में सिर्फ खूबसूरती ही नहीं है बल्कि भाव भी साफ दिखाई देते हैं। रिश्तों की गर्माहट और प्रेम, प्रकृति का आनंद-रस और कलाकारों की क्रिएटिविटी सभी इन चित्रों में देखने का अवसर मिला। प्रर्दशनी में पांच कलाकारों की 60 कृतियां प्रदर्शित की गई। इसमें एक्रेलिक, ऑइल, मिक्स मीडिया में तैयार चित्र शामिल हैं।

मिनिएचर में दिखाई परंपराएं

करुणा बावल ने अपनी दो कृतियां प्रदर्शित की हैं। उन्होंने ऑयल कलर से ब्लैक एंड व्हाइट चित्र तैयार किया है। कैनवास को उन्होंने ब्लैक कलर दिया है। व्हाइट कलर से उन्होंने एक महिला के चेहरे को आकार दिया है। दूसरी कृति यूरोपियन स्टाइल में ऑइल कलर पोटे्रट बनाया है, जिसमें एक महिला सिल्क साड़ी पहने बैठी है। इसके अलावा प्रियंका विश्वकर्मा की दो कृतियां है, उन्होंने एक्रेलिक मीडियम में मीरा का कृष्ण के प्रति प्रेम और राजस्थानी मिनिएचर विधा में परंपराओं को दिखाया है।

खुद को संवारती महिला

निहारिका भट्टी ने कांच और मोतियों के जरिए मिक्स मीडिया में कृति तैयार की है। यह कृति क्राफ्ट वर्क जैसा लुक दे रही है। उन्होंने बताया कि वे काफी लंबे समय से पेंटिंग कर रही हूं। संगीता गुप्ता ने यूरोपियन स्टाइल की दो कृतियां प्रदर्शित की हैं, जो कि ऑयल कलर में है। एक चित्र में जानवर और मनुष्य के प्रेम दिखाया है। दूसरी कृति में यह दिखाने का प्रयास किया है कि जब एक महिला सजती-संवरती है तो उसके मनोभाव उसके चेहरे पर देखे जा सकता है। वह किस उत्सव या काम के लिए संवर रही है। जैनब हुसैन सैफी ने नाइफ विधा के जरिए चैरी ब्लॉसम के पेड़ से कैनवास सजाया है।

Posted By: Nai Dunia News Network