भाेपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। दाे दिन से भले ही सर्द हवाओं के चलते वातावरण में सिहरन बढ़ गई हाे, लेकिन मौसम के मिजाज में एक बार फिर बदलाव हाेने जा रहा है। दरअसल बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर में बन रहे सिस्टम के अलावा एक ‍पश्चिमी विक्षाेभ भी मंगलवार काे उत्तर भारत में दाखिल हाेने जा रहा है। मौसम विज्ञानियाें के मुताबिक वेदर सिस्टम के सक्रिय हाेने से हवाआें के साथ नमी आने लगी है। जिसके चलते मंगलवार से ही बादल छाने लगेंगे। साथ ही मध्यप्रदेश के कुछ स्थानाें पर बुधवार-गुरूवार काे बारिश भी हाे सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि साेमवार काे राजधानी का अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जाे सामान्य से दाे डिग्री सेल्सियस कम रहा। साथ ही रविवार के अधिकतम तापमान 28.8 डिग्रीसेल्सियस से 1.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा। साहा के मुताबिक हवा का रूख उत्तरी बना रहने से अधिकतम तापमान में गिरावट हुई है।

पांच वेदर सिस्टम हाे रहे सक्रिय

अफानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बने पश्चिमी विक्षाेभ के मंगलवार काे उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। श्रीलंका पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस सिस्टम से पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक ट्रफ बना हुआ है। पूर्व-मध्य अरब सागर में बुधवार काे एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उधर बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। इन वेदर सिस्टम के सक्रिय हाेने से मंगलवार से मध्यप्रदेश में मौसम के मिजाज में परिव‍र्तन आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिेष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वातावरण में हवाआें के साथ नमी आने से मंगलवार से प्रदेश के कुछ स्थानाें पर बादल आ सकते हैं। बुधवार से इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभागाें के जिलाें में कहीं-कहीं बारिश भी हाे सकती है। राजधानी में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हाेने के आसार हैं।

Posted By: Lalit Katariya

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