भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 21 जनवरी को एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के भी उत्तर भारत में प्रवेश करने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात का बनना संभावित है। इन दो वेदर सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार से मध्य प्रदेश का मौसम प्रभावित होने लगेगा। बादल छाने लगेंगे। शनिवार से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभागों के जिलों में बारिश भी होने की संभावना है। बादल छाने के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। हालांकि इस दौरान दिन के तापमान में कमी आने लगेगी।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार की सुबह ग्‍वालियर-चंबल संभाग के जिलों के अलावा टीकमगढ़, नौगांव, मंडला एवं दमोह जैसे जिलों में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, बैतूल, गुना एवं उज्‍जैन जैसे शहरों में भी हल्‍का कोहरा रहा। बुधवार को प्रदेश में उमरिया सबसे ठंडा रहा, जहा न्‍यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्‍सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 4.6 डिग्री सेल्‍सियस तापमान रहा। गुना में 5.4, नौगांव व खजुराहो 5.6 डिग्री न्‍यूनतम तापमान रहा। राजधानी भोपाल में बुधवार को न्‍यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्‍सियस दर्ज किया गया, जो सामान्‍य से 3.6 डिग्री सेल्‍सियस कम रहा, साथ ही यह पिछले दिन के न्‍यूनतम तापमान के मुकाबले 1.6 डिग्री सेल्‍सियस कम रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्‍ठ विज्ञानी पीके साहा ने बताया कि वर्तमान में हवा का रुख उत्तरी बना है, लेकिन हवा की रफ्तार मंद होने के कारण रात के तापमान में विशेष गिरावट होने की संभावना कम है। उधर 21 जनवरी को एक तीव्र आवृति वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज गड़बड़ होने की संभावना है। इस सिस्टम के असर से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बनेगा। हवा का रुख बदलने से वातावरण में नमी बढ़ने लगेगी। इससे बादल छाने लगेंगे। साथ ही प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभागों के जिलों में शनिवार से बारिश भी हो सकती है। इस दौरान राजधानी भोपाल में भी बादल छाने के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।

Posted By: Ravindra Soni

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