भोपाल। अयोध्या राम जन्मभूमि मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार का प्रस्तावित मंडला-जबलपुर का दौरा निरस्त कर दिया। वे रविवार को आईटीए अवॉर्ड कार्यक्रम में भी हिस्सा नहीं लेंगे। शनिवार को दिल्ली से भोपाल पहुंचने पर वे सुबह करीब साढ़े 11 बजे सीधे मंत्रालय पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और कानून व्यवस्था का फीडबैक लिया। शनिवार को शाम छह बजे होने वाले मुख्यमंत्री जनकल्याण कार्यक्रम को भी स्थगित कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ का प्रस्तावित कार्यक्रम दिल्ली से शनिवार को सीधे जबलपुर होते हुए मंडला पहुंचने का था। यहां उन्हें स्वास्थ्य विभाग, रोटरी इंटरनेशनल और जस्टिस तनखा फाउंडेशन द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में हिस्सा लेना था।

शिविर में हजारों आदिवासी लोगों का देश के जाने-माने चिकित्सकों द्वारा आधुनिक तकनीकी से इलाज किया जा रहा है। शिविर सात से 14 नवंबर तक चलेगा। शनिवार को ही शाम छह बजे मंत्रालय में मुख्यमंत्री जनकल्याण कार्यक्रम के तहत वीडियो कांफ्रेंस बुलाई गई थी।

इसमें सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए जाने वाले अयोध्या राम जन्मभूमि के फैसले के मद्देनजर कमिश्नर और कलेक्टरों से उन्हें बात करनी थी लेकिन अदालत ने शनिवार को सुबह ही फैसला सुना दिया। इसके मद्देनजर इन दोनों कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने रविवार को इंदौर में आयोजित आईटीए अवॉर्ड कार्यक्रम में जाने का कार्यक्रम भी निरस्त कर दिया है। अब लगातार भोपाल से ही पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेंगे।

दिल्ली से लौटते ही सक्रिय हो गए मुख्य सचिव

उधर, मुख्य सचिव सुधिरंजन मोहंती शुक्रवार को दुबई और नई दिल्ली के प्रवास से लौटने के बाद सक्रिय हो गए। शुक्रवार को उन्होंने सबसे पहले कमिश्नर और कलेक्टरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अयोध्या राम जन्मभूमि से जुड़े फैसले को लेकर जरूरी तैयारियों के निर्देश दिए।

देर शाम जब यह साफ हो गया कि सुप्रीम कोर्ट शनिवार को फैसला सुनाएगा तो वे सुबह से ही अधिकारियों के संपर्क में आ गए। सुबह करीब 11 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे और फिर मंत्रालय में मुख्यमंत्री के साथ बात करके फिर उनके साथ पुलिस मुख्यालय आ गए। दिनभर मैदानी फीडबैक लेने का सिलसिला चलता रहा।

Posted By: Sandeep Chourey