भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में शिशुओं और माताओं की मौत कम करने के लिए कई बड़े कदम उठाए जाएंगे। हर जिले की ग्रेडिंग की जाएगी। उपलब्धि के आधार पर ही कलेक्टर की सीआर निर्धारित की जाएगी। अच्छा कार्य करने वालों की सराहना एवं खराब उपलब्धि पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही है। मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रालय में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने की कार्य योजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने का कार्य हमारी प्राथमिकता है। इस एजेंडा की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर परिवार कल्याण अभियान के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।

बैठकें सिर्फ चाय-नाश्ता तक सीमित न रहें : मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर शिशु एवं मातृ मृत्यु दर की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में प्रतिमाह निगरानी करें। जिले के प्रभारी मंत्री भी इस एजेंडा की सतत रूप से समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति सहित अन्य सभी समितियों की बैठके प्रभावी हों, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आएं। बैठकें सिर्फ चाय-नाश्ता तक सीमित न रहें।

नवजात शिशु और माता की मृत्यु की आडिट हो : सीएम ने कहा कि प्रदेश में नवजात शिशु और माता की मृत्यु के आडिट की कार्य योजना बनाई जाए। इससे मृत्यु का कारण तो पता चलेगा ही साथ ही उसके निवारण की दिशा में प्रयास भी तेज होंगे।

यह व्यवस्था करने के निर्देश

- समस्त प्रसव केंद्रों पर उपकरणों, दवाइयों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता रहे।

- आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा की जाने वाली गृह भेंटों का पर्यवेक्षण किया जाए।

- ज्यादा जोखिम वाले नवजातों का चिह्नांकन किया जाए।

- गर्भावस्था के पंजीयन में देरी न हो।

Posted By: Prashant Pandey

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