कपिल तुलसानी, भोपाल। ट्रेन में महिला यात्रियों को अकेला पाकर छींटाकशी या अन्य तरीकों से परेशान करने के मामले तो सामने आते रहे हैं, लेकिन अब मोबाइल फोन पर तेज आवाज में बात करके, गाने बजाकर या फिर फ्लैश लाइट जलाकर भी परेशान करने का तरीका अपनाया जा रहा है। रेलवे के मेरी सहेली अभियान के दौरान मिलने वाली श‍िकायतों से यह स्पष्ट हुआ है।

भोपाल रेल मंडल में ही इस वर्ष एक जनवरी से 31 अक्टूबर तक मंडल से गुजरीं 3910 ट्रेनों में अकेले यात्रा कर रही 16 हजार 759 महिला यात्रियों द्वारा रेल पुलिस से विभिन्न मामलों में मदद मांगी। इनमें से करीब ढाई हजार महिला यात्रियों ने सहयत्रियों द्वारा मोबाइल फोन के माध्यम से परेशान की श‍िकायत की। इस पर रेल पुलिस ने मौके पर संबंधित यात्रियों के मोबाइल फोन बंद करवाए और ऐसे कृत्य नहीं करने की सख्त चेतावनी दी।

मालूम हो कि ट्रेन में सफर करने वाली अकेली महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे दो वर्ष पूर्व मेरी सहेली अभियान शुरू किया था। भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक अभियान के तहत मिली श‍िकायतों में खासकर रात के समय सहयात्रियों द्वारा बेवजह मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने, गाने बजाने या फिर तेज आवाज में बात करने की श‍िकायतें भी मिलीं। इस तरह के कृत्य से महिला यात्री न सिर्फ परेशान हुईं, बल्कि यात्रा के दौरान वे नींद भी नहीं ले सकीं।

यहां की जा सकती है श‍िकायत

रेलवे ने जनवरी 2022 से यात्रा नियमों में बदलाव कर रात के समय तेज आवाज में बात न करने, मोबाइल पर तेज गाना न बजाने और शोर न मचाने की सलाह दी है। ऐसा करने वाले संबंधित यात्री की शिकायत हेल्पलाइन नंबर-139, टीटीई और रेल मंत्रालय को टि्वटर पर भी कर सकती हैं।

सुरक्षा के लिए शुरू की गई योजना

महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए रेल सुरक्षा बल ने मेरी सहेली योजना को शुरू किया है। ऐसे में यात्रा के दौरान ही अकेली महिला यात्री से आरपीएफ की महिला कांस्टेबल जाकर मिलती हैं, तो उसी समय उन्हें आत्मबल मिलता है। आसपास की बर्थ के यात्री भी सचेत हो जाते हैं कि इस महिला का पुलिस की टीम के साथ समन्वय है।

-बी. रामकृष्णा, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त भोपाल रेल मंडल

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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