भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के तहत तीसरे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया आज समाप्त हो जाएगी। लेकिन तीन चरणों की काउंसलिंग के बाद भी बीएड पाठ्यक्रम में अब तक 58 प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। अब भी 42 फीसद सीटें खाली हैं। ऐसा ही हाल एनसीटीई के सभी आठ पाठ्यक्रमों का है। इनमें अब तक 56 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। प्रदेश के 656 बीएड कालेजों में 60 हजार सीटों में से लगभग 35 हजार सीटों पर प्रवेश हुए हैं। ऐसे में तीन चरण की काउंसलिंग के बाद 25 हजार सीटें खाली हैं। वहीं एनसीटीई के सभी पाठ्यक्रमों में 71 हजार सीटों में से 40 हजार सीटों पर प्रवेश हुए हैं। अब ऐसे में बीएड सहित अन्य पाठ्यक्रमों में लगभग आधी सीटें खाली होने के कारण उच्च शिक्षा विभाग ने काउंसलिंग का एक और अतिरिक्त चरण चलाने का निर्णय लिया है। रविवार को आदेश जारी कर विभाग ने विद्यार्थियों को प्रवेश लेने के लिए 24 दिन का अतिरिक्त समय दे दिया है। अब 20 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया चलाई जाएगी। विभाग ने 28 जून से 20 जुलाई तक काउंसलिंग का अतिरिक्‍त चरण चलाने के आदेश जारी किए हैं। बता दें कि एनसीटीई के तहत आठ प्रकार के पाठ्यक्रमों में सोमवार तक शुल्क जमा कर विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं।

तीसरे चरण में बीएड में 14,935 प्रवेश हुए

तीसरे चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत एनसीटीई के सभी पाठ्यक्रमों में 28,093 सत्यापन हुए और 33,534 सीट आवंटित की गईं। इसमें से रविवार तक शुल्क भुगतान कर 16,695 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं, बीएड में 30,678 आवंटित सीटों में से 14,935 विद्यार्थियों ने शुल्क जमा कर प्रवेश लिया।

सीटों की स्थिति

एनसीटीई में कुल सीट - 71 हजार

कुल प्रवेश - 40 हजार

खाली सीटें - 31 हजार

बीएड में प्रवेश का आंकड़ा

प्रदेश में बीएड कालेजों की संख्या-656

कुल सीट- 60 हजार

कुल प्रवेश- 35 हजार

खाली सीट- 25 हजार

बीएड का आंकड़ा

प्रथम चरण

कुल पंजीयन-30,599

सीटों का आवंटन- 23,550

कुल प्रवेश - 14168

द्वितीय चरण

कुल पंजीयन-24,379

सीटों का आवंटन- 22,621

कुल प्रवेश - 5453

तृतीय चरण

कुल पंजीयन- 25,840

सीटों का आवंटन-30,678

कुल प्रवेश- 14935

तीन चरण की काउंसलिंग के बाद भी बीएड सहित एनसीटीई के सभी कोर्सेस में करीब 60 प्रतिशत प्रवेश हुए है। इस कारण एक और अतिरिक्त चरण चलाया जाएगा।

- धीरेंद्र शुक्ला, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च शिक्षा विभाग

Posted By: Ravindra Soni

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