भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। मप्र सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा के अधिनियम के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल की समिति का गठन कर दिया गया है। समिति की साधारण सभा की पहली बैठक जनवरी में होगी। अब तक माध्‍यमिक शिक्षा मंडल ने जितने भी निर्णय लिए हैं, उसकी मंजूरी उन्हें समिति से करानी होगी। तीन साल बाद इस समिति का गठन हुआ है। माध्यमिक शिक्षा अधिनियम के अनुसार समिति में पांच विधायक शामिल हैं। इसमें रामपुर बघेलान के विधायक विक्रम सिंह, पंधाना विधायक राम दांगोरे, सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा, बैरसिया विधायक विष्णु खत्री और जैतपुर विधायक मनीषा सिंह को शामिल किया गया है। समिति में मंडल द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं के तीन प्राचार्यों को सदस्य नियुक्त किया गया है। इसमें दो प्राइवेट स्कूलों के प्राचार्य उज्जैन से अरुण शुक्ला व हरदा से संजय उपाध्याय के साथ जबलपुर के सरकारी स्कूल की प्राचार्य प्रभा मिश्रा का नाम शामिल हैं। इसके अलावा मंडल द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूलों के 6 अध्यापक समिति सदस्य रहेंगे। इसमें प्राइवेट स्कूल आगर मालवा के व्याख्याता प्रवीण पाराशर, खंडवा के सहायक प्राध्यापक मनोज सर्राफ, मुरैना के व्याख्याता विवेक वर्मा, व्याख्याता चंद्रशेखर गढ़वाल, व्याख्याता राकेश कुशपाह, खैरलांजी के धुरपता मर्सकोले शामिल हैं।

समिति में तीन प्रबंध समिति के अध्यक्ष व सचिवों को भी सदस्य बनाया गया है। अध्यापक प्रशिक्षण व प्रशिक्षण महाविद्यालय के सदस्य के रूप में मंदसौर की निशा महाराणा और दो सामाजिक कार्यकर्ता सत्यनारायण लोवंशी व डॉ.रामकुमार भावसार को शामिल किया गया है।

पाठ्य पुस्तक निगम, संस्कृत व मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष शिक्षा मंत्री होंगे

वहीं प्रदेश सरकार ने पाठ्य पुस्तक निगम, महर्षि पतंजलि संस्कृत बोर्ड व मदरसा बोर्ड का नए सिरे से गठन कर दिया है। तीनों संस्थानों के अध्यक्ष पद पर स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदर सिंह परमार होंगे। बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह ने राज्यपाल के आदेश पर पत्र जारी किया है। ज्ञात हो कि पिछली कांग्रेस सरकार में इन तीनों संस्थानों के अध्यक्ष पद पर प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा को नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार निगम व बोर्ड का गठन किया गया है, इसमें स्पष्ट किया गया है कि जब तक राज्य शासन द्वारा अध्यक्ष पद पर कोई मनोनयन या नियुक्ति नहीं की जाती है, तब तक संस्थान की प्रशासकीय, वित्तीय और सामान्य कार्य संचालन की जिम्मेदारी अध्यक्ष शिक्षा राज्‍यमंत्री पर रहेगी।

Posted By: Ravindra Soni

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