भोपाल, नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। बिना बीमा वाले वाहन से दुर्घटना होने पर अब प्रभावित को मुआवजा राशि दिलाने के लिए सरकार मध्यप्रदेश मोटरयान अधिनियम में नया प्रावधान करने जा रही है। ऐसे वाहनों को अदालत से तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक वे बीमा पॉलिसी जमा या फिर वह राशि जो दावा स्वरूप प्रभावित को दी जानी है, जमा नहीं कर देते हैं। यदि तीन माह में यह राशि जमा नहीं की जाती है तो वाहन को नीलाम कर राशि जिम्मेदार अधिकारी के पास रखी जाएगी और निर्णय होने पर प्रभावित को दी जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग ने नई धारा जोड़ने की अधिसूचना जारी कर 30 दिन के भीतर दावे-आपत्ति बुलाए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अदालतों में कई बार वाहन दुर्घटना में मृत्यु या घायल व्यक्तियों को मुआवजा देने के मामलों में वाहन बीमा न होने पर ऐसे मामले सामने आते हैं।

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने रामदयाल कुशवाह बनाम राज्य शासन से जुड़े प्रकरण में दुर्घटना के संबंध में क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए याचिका लगाई थी। इस पर अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 2016 के एक आदेश के हवाले से क्षतिपूर्ति को लेकर व्यवस्था दी, जिसके मद्देनजर मोटरयान अधिनियम के नियम 226 में उपनियम जोड़ने का निर्णय लिया गया।

ये होंगे प्रावधान

- दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु, शारीरिक चोट या संपत्ति को नुकसान होता है और वाहन का कोई बीमा कवर नहीं है तो उस वाहन को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक कि वाहन स्वामी तृतीय पक्ष जोखिम को लेकर बीमा पॉलिसी प्रस्तुत नहीं कर देता है।

- यदि वह बीमा पॉलिसी प्रस्तुत करने में असफल होता है तो फिर ऐसी राशि जमा कराई जाएगी जो निर्णय की पूर्ति के लिए आवश्यक हो।

- राशि तीन में जमा नहीं कराई जाती है तो वाहन नीलाम किया जाएगा। जो राशि मिलेगी उसे अधिकारी के पास सुरक्षित रखा जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey

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