भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दूसरी बार लाठीचार्ज होने से नाराज कांग्रेसियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे बिफरी पुलिस ने पहले पानी की बौछार छोड़ी। कार्यकर्ता नहीं मानें तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए। कांग्रेसी जीटीबी कॉम्प्लेक्स में बने मृगनयनी के शोरूम व अन्य दुकानों में छुपने की जगह ढूंढ़ते रहे। धारा 144 लागू होने से न्यू मार्केट बंद रहा। ऐसे में भीड़ रंगमहल, दशहरा मैदान, टीटी नगर थाना, जवाहर चौक की तरफ भागते दिखे। पुलिस ने कई बार आंसू गैस के गोले छोड़े। इसका असर रोशनपुरा, बाणगंगा, जवाहर चौक तक दिखा। आंसू गैस के गोलों की आवाज से अन्य लोग दहशत में आ गए।

राजभवन का घेराव करने के लिए सुबह 10 बजे से कांग्रेसी कार्यकर्ता एकत्रित होने लगे थे। दोपहर 12 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित हो गए। कांग्रेस का दावा है कि प्रदर्शन में 10 हजार से अधिक कार्यकर्ता आए। वहीं पुलिस का कहना है कि करीब दो हजार लोग शामिल हुए। इसके बाद मिनी ट्रक के रथ पर सवार होकर सभी नेता राजभवन की ओर आगे बढ़े। जवाहर चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने 10 मिनट नए कृषि कानून के बारे में बताया और कहा कि सिर्फ उद्योगपतियों की जेब भरने नए कृषि कानून लाए हैं।

दिया ज्ञापन : दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में विधायकों और अन्य नेताओं ने राज्यपाल के अतिरिक्त सचिव राजेश कुमार कौल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का आग्रह किया।

करीब 1500 लोगों पर बलवा के तहत एफआइआर

प्रदर्शन के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सज्जन सिंह वर्मा, एनपी प्रजापति, विजयलक्ष्मी साधौ और नरेंद्र सलूजा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार के इशारे पर किसानों, महिलाओं, कांग्रेसजनों व मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया। एएसपी रजत सकलेचा ने बताया कि करीब 1500 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा और बलवा के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की यह पत्थरबाजी उसकी षड्यंत्रकारी घृणित सोच उजागर करती है। कांग्रेस की मंशा प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की है।

जेल परिसर में धरने पर बैठे दिग्विजय

जब पुलिस के आला अधिकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को जेल से रिहा करने लगे तो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब तक वे राजभवन पहुंचकर ज्ञापन नहीं सौंप देते तब तक कहीं नहीं जाएंगे। इसके बाद वे जेल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। पुलिस अधिकारियों ने राजभवन में अधिकारियों से बात की। सिंह की बात मान लेने पर उन्हें जेल से रिहा किया गया। इसके बाद वे कांग्रेस नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। वहीं, दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा प्रदर्शन के दौरान घायल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिलने भी अस्पताल गए।

Posted By: Prashant Pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags