भोपाल। बैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी को रेलवे के रिटायरिंग रूम की बुकिंग महंगी पड़ गई। जब वह पत्नी के साथ मुंबई के बांद्रा कुर्ला टर्मिनल स्टेशन के रिटायरिंग रूम में रुकने के लिए पहुंचे तो पूरी रात चूहों और काकरोज के बीच सोना पड़ा। वहीं बिस्तर से बदबू आ रही थी और कमरे में बहुत अधिक गंदगी थी।

नेहरू नगर स्थित गोपाल सदन निवासी सुधीर तेलंग ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला टर्मिनल स्टेशन के रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग की थी। यह बुकिंग 30 जून से 11 जुलाई 2014 तक के लिए की थी। वह 30 जून को पत्नी के साथ रिटायरिंग रूम में पहुंचे तो वहां पर गंदगी का अंबार लगा था। उन्होंने इस मामले की रेलवे सुप्रिटेंडेंट से शिकायत की थी। लेकिन, शिकायत के बाद उनका रूम नहीं बदला गया। इसके बाद उपभोक्ता को पत्नी के साथ कॉरीडोर में रहना पड़ा। आखिरकार उन्होंने भोपाल वापसी का फैसला लिया और एयर टिकट लेकर वापस भोपाल आ गए।

उपभोक्ता का मुंबई में दो लोगों से मिलने का अप्वाइंटमेंट था। लेकिन, वह बिना किसी से मिले चले आए। नेहरू नगर स्थित गोपाल सदन निवासी सुधीर तेलंग ने आईआरसीटीसी लिमेटेड, वेस्ट जोनल रीजनल ऑफिस, इंडियन रेलवे रजिस्टर्ड ऑफिस व स्टेशन सुप्रीटेंडेंट इंडियन रेलवे बांद्रा टर्मिनल सभी के खिलाफ याचिका दायर की है।

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष आरके भावे, सदस्य सुनील श्रीवास्तव की बेंच ने मामले में रेलवे खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि रेलवे ने उचित व्यवस्था न कर सेवा में कमी की है। इसलिए रेलवे उपभोक्ता को 28 हजार 156 रुपए का हर्जाना दे। मामले में आईआरसीटीसी लिमिटेड ने तर्क दिया कि रेलवे की वेबसाइट से सिर्फ टिकट और रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग की जाती है। स्टेशन पर सुविधाओं से संबंधित कार्य वेबसाइट नहीं देखता है। इस तर्क को फोरम ने खारिज कर दिया।

रूम गंदा था, बिस्तर से आ रही थी बदबू

सुधीर तेलंग ने मुंबई में दो अप्वाइंटमेंट के लिए स्टेशन का रिटायरिंग रूम की ऑनलाइन बुकिंग 30 जून से 11 जुलाई 2014 तक के लिए की थी। लेकिन, उपभोक्ता के रिटायरिंग रूम में पहुंचने पर रूम काफी गंदा मिला। इसके साथ ही जगह-जगह सीपेज था, बिस्तर से बदबू आ रही थी, बाथरूम व टॉयलेट काफी गंदे थे। वॉश बेसिन में पाइप ही नहीं लगा था, पानी रूम के अंदर फ्लोर पर आ रहा था। उन्हें सुबह 10 बजे एक साक्षात्कार के लिए जाना था, जिसके लिए वह तैयार होकर चले गए, जब लौटे तो उन्होंने स्टेशन के टीसी से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर से चेकअप कराना था

सुधीर ने शिकायत में बताया कि मुझे वीजा कंसल्टेंट के लिए उपस्थित होना था। इसके अगले दिन बॉम्बे अस्पताल के डॉक्टर से मिलना था, जिसके लिए मैंने ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लिया था। वहां से वापसी के लिए पंजाब मेल एक्सप्रेस से कंफर्म टिकट भी लिया था। लेकिन, मुझे इतनी परेशानी हुई कि तुरंत फ्लाइट से वापस आना पड़ा।

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