भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। राजधानी के रातीबड़ में स्थित नवोदय विद्यालय में कोरोना बम फूटा। यहां तीन शिक्षक व 24 बच्‍चें सहित कुल 27 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से ज्‍यादातर दसवीं व बारहवीं कक्षा के बच्चे हैं। इस मामले स्कूल प्रशासन की भी लापरवाही सामने आई है। नवोदय विद्यालय में करीब आठ दिन से कुछ शिक्षक बीमार थे। इसके बावजूद उन्हें स्‍कूल में बच्‍चों को पढ़ाने दिया जा रहा था। सबसे पहले जीव विज्ञान की महिला लशिक्षक बीमार हुई और वे वहीं छात्रावास में रह रही थी। उनके परिवार का बच्चा भी बीमार था।

विद्यार्थियों का कहना है कि मेस के कर्मचारी भी बीमार थे। इसके बावजूद स्कूल व छात्रावास को बंद नहीं किया गया। गुरुवार की शाम 24 बच्चों की रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद हड़बड़ी में स्कूल प्रबंधन ने विद्यालय को बंद करने का निर्णय लिया। रात में ही सभी अभिभावकों को बच्चों को घर ले जाने के लिए मैसेज भेजे गए थे। इसके बाद शुक्रवार को सुबह सभी अभिभावक बच्चों को लेने पहुंचे। स्कूल व छात्रावास को बंद कर दिया गया। इसके बाद भी स्कूल की प्राचार्य मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए स्कूल बंद न करने के लिए कह रही थी, लेकिन अभिभावकों ने जब मांग की तब जाकर स्कूल बंद किया गया। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल के कई शिक्षकों में कोरोना संक्रमण के लक्षण थे, इसके बाद भी वे निरंतर कक्षाएं ले रहे थे। यहां तक कि प्रैक्‍टिकल भी कराए जा रहे थे।

अधिकतर बच्चे दसवीं व बारहवीं के

नवोदय विद्यालय में संक्रमित पाए गए ज्‍यादातर बच्‍चे दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थी हैं। इसमें कई का टीकाकरण भी हो चुका है। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण एक साथ इतने बच्चे संक्रमित पाए गए।

वर्जन

बच्चों और शिक्षकों को घर भेज दिया गया है। स्कूल और छात्रावास भी बंद कर दिया गए हैं। हर दिन बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही हैं।

- ज्योति मखीजा, प्राचार्य

जीवविज्ञान की शिक्षक पहले से ही बीमार थी, लेकिन लगातार वो कक्षा लेती रहीं। इसके बाद कुछ और शिक्षक और कर्मचारी बीमार हो गए। इसके बाद 11 जनवरी को सभी विद्यार्थियों का टेस्ट कराया गया, जिसमें रिपोर्ट पाजिटिव आई। इसके बाद स्कूल वालों ने घर भेज दिया।

-सोहम सिंह, 12वीं का छात्र, बैरसिया

जीवविज्ञान की शिक्षक पहले संक्रमित पाई गईं। इसके बाद कक्षा में पढ़ाने से अन्य बच्चे संक्रमित हो गए।

- शिवम गुर्जर, 12वीं का छात्र

Posted By: Ravindra Soni

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