भोपाल( सुशील पांडेय) World Heritage Day 2021:। कोरोना लॉकडाउन ने न केवल राज्य भर में पुरातात्विक स्मारकों और संग्रहालयों को बंद करने के लिए मजबूर किया है, बल्कि उत्खनन, संरक्षण और पुनर्निर्माण परियोजनाओं को भी पूरी तरह से रोक दिया है। प्रभावित होने वाली होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक उज्जैन में उत्खनन चल रहा है, जो उस समय के अवशेषों का पता लगाने के लिए है, जब राजा विक्रमादित्य प्रथम ने इस प्राचीन शहर में शासन किया था।

संचालनालय राज्य पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय के एक अधिकारी ने बताया कि महान शासक के युग के अवशेषों की खोज की जानी बाकी है। विभाग ने जनवरी 2020 में खुदाई का काम शुरू किया था। हालांकि, दो महीने बाद ही राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण इसे रोकना पड़ा। फिर जुलाई 2020 में विभाग ने खुदाई को फिर से शुरू करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) से अनुमति मांगी। अनुमति में देरी हुई। विभाग ने इस साल 15 अप्रैल से काम फिर से शुरू करने का फैसला किया था, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से एक और लॉकडाउन रास्ते में आ गया। राज्य पुरातत्व विभाग की एक अन्य परियोजना के तहत इंदौर के लालबाग पैलेस में संरक्षण कार्य चल रहा था, जो कोरोना कर्फ्यू के कारण बंद हो गया है।

इसके अलावा विभाग ओंकारेश्वर के सिद्धेश्वर मंदिर के पुनर्निर्माण का काम भी शुरू करने वाला था। ग्यारहवीं शताब्दी का भूमिगत मंदिर लगभग डेढ़ साल पहले खुदाई में खोजा गया है। स्थल पर मिले अवशेषों के आधार पर मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाना था। कोरोना कर्फ्यू बढ़ने से यह काम भी शुरू नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग कोरोना कर्फ्यू के वर्तमान दौर के समाप्त होने के बाद काम जारी रखने के लिए प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने का प्रयास करेगा।

एएसआइ का कार्य भी प्रभावित

एएसआइ भोपाल सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् पीयूष भट्ट ने बताया कि जबलपुर के तेवर समेत एएसआइ के राज्य में चल रहे सभी कामों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मजदूरों की इच्छा पर स्थिति समान्य होने तक अन्य स्‍थलों पर संरक्षण कार्य भी बंद कर दिया गया है। सागर जिले में स्थित पुरातात्विक संपदा एरण का खोदाई कार्य भी कोरोना कर्फ्यू के कारण पिछड़ गया है। मजदूरों के रुकने के लिए टेंट न आने की वजह से पांच फीट खोदाई के बाद काम रुका पड़ा है।

वर्ल्ड हेरिटेज डे के बारे में

संरक्षित स्थलों पर जागरूकता के लिए सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों की विविधता और रक्षा के लिए यूनेस्को के सम्मेलन में 18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरिटेज डे मनाने की शुरुआत हुई। मध्यप्रदेश में 03 विश्व धरोहर स्थल हैं- सांची, भीमबैठका एवं खजुराहो।

Posted By: Ravindra Soni

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