कोरोना के कारण हर कोई परेशान था, लेकिन मैं आश्वासत था कि मुझे कुछ नहीं होगा। मैं किसान हूं तो प्रकृति के करीब रहने का मौका मिलता है। जब बुखार आया तो सोचा कि वायरल बुखार है। मौसम में बदलाव के कारण ऐसा हुआ होगा । मैनें टीका का दोनों डोज लगवा लिया था। जब बुखार के साथ खांसी भी तेज होने लगी तो घर वालों ने कहा कि कोविड टेस्ट कराना चाहिए। जब टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद घर वाले घबराने लगे, क्योंकि मैं ह्दय रोगी था। दो बाद हार्ट का ऑपरेशन हो चुका था और पेट का ऑपरेशन भी एक बार हो चुका था। जब सिटी स्कैन हुआ तो फेफ.डों में 65 फीसद संक्रमण पाया गया और ऑक्सीजन लेवल भी कम था। परिवार के लोग तो घबरा गए, क्योेंकि सभी तरफ सुनने में आ रहा है कि कोरोना अन्य गंभीर बीमार के मरीजों के लिए खतरनाक है। मैं निजी अस्पताल में भर्ती हुआ और डॉक्टरों ने खूब ध्यान रखा। समय से खाना और दवाइंया ली। परिवार का पूरा साथ और सहयोग मिला तो मैं ठीक होकर वापस आ गया। कोरोना हो जाए तो घबराएं नहीं, बल्कि अंदर से हिम्मत बनाएं रखें। पहले तो योग व प्राणायाम नहीं करता था, लेकिन अब हर दिन करता हूं। अंदर से हिम्मत बनाएं रखें और मन को मजबूत रखें तो इस बीमारी को हरा सकते हैं।

कृपाराम ब.डगैया, सूरजनगर, किसान

Posted By: Lalit Katariya

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