भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना की तीसरी लहर की आहट हो रही है। प्रदेश के कुछ इलाकों में कोरोना केस फिर बढ़ने लगे हैं। इससे बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना से बचाव के टीका का दूसरा डोज लग जाए। अभी हालत यह है कि भोपाल में कोविशील्ड का पहला डोज लगवाने वालों में एक लाख 15 हजार का और कोवैक्सीन का पहला डोज लगाने वाले 34 हजार लोगों का दूसरा डोज लंबित हो गया है। इनमें कुछ तो ऐसे भी हैं, जिन्हें पहला डोज लगवाए हुए तीन से चार महीने हो चुके हैं। अब तीसरी लहर की आंशका के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने तय अवधि बीतने के बाद दूसरा डोज नहीं लगवाने वालों को खोजना शुरू कर दिया है। भोपाल में दोनों वैक्सीन के दूसरे डोज के लिए एक लाख 49 हजार लोगों का टीकाकरण लंबित हो गया है। उधर, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में करीब 52 लाख लोगों का दूसरा डोज लंबित है।

एक मोबाइल नंबर पर कई नाम दर्ज होने से परेशानी

दूसरा डोज नहीं लगवाने वालों की सूची तैयार कर उन्हें फोन किया जा रहा है। साथ ही दिए गए नंबर पर एसएमएस भी किया रहा है, लेकिन दिक्कत यह आ रही है कि इनमें कई लोगों के फोन नंबर बंद मिल रहे हैं। एक ही मोबाइल नंबर से कई हितग्राहियों का पंजीयन हुआ है, इस कारण भी सभी से बात नहीं हो पा रही है। तीसरी दिक्कत यह है कि कोविन पोर्टल पर हितग्राहियों का पता दर्ज नहीं होता। ऐसे में उन्हें पते पर भी नहीं खोजा जा सकता।

इसके अलावा उन लोगों को भी दूसरा डोज लगवाने में दिक्कत हो रही है, जिनका पंजीयन किसी और के मोबाइल नंबर से हुआ है। इनमें नगर निगम के सफाई कर्मचारी समेत ऐसे हितग्राही शामिल हैं, जिनके पास खुद का मोबाइल नहीं हैं। ये सर्टिफिकेट भी डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।

भोपाल में 18 साल से ऊपर के लोग जिन्हें टीका लगना है- 19.50 लाख

अब तक लगा पहला डोज- 15,77,237

अब तक लगा दूसरा डोज- 4,21,996

दोनों डोज लगवाने वालों में पुरुष- 11,06,435

दोनों डोज लगवाने वालों में महिलाएं- 8,92,355

अन्य- 443

जिले में करीब डेढ़ लाख लोगों का दूसरा डोज ड्यू (लंबित) हो गया है। इन्हें फोन कर टीका लगवाने के लिए बुला रहे हैं। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से सभी को फोन किया जा रहा है, लेकिन कई लोगों से बात नहीं हो पाती।

-डॉ. उपेन्द्र दुबे, जिला टीकाकरण अधिकारी, भोपाल

दूसरा डोज लगवाना बहुत जरूरी है। पहला डोज लगवाने के बाद करीब 30 फीसद ही सुरक्षा मिल पाती है। दोनों वैक्सीन में दूसरा डोज लगवाने के लिए दी गई अवधि में टीका जरूर लगवाएं।

- डॉ.सरमन सिंह, निदेशक, एम्स भोपाल

Posted By: Ravindra Soni

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