भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस के विभिन्न वेरिएंट में से एवाय-1 और एवाय-2 के प्रदेश में अभी तक 14 मामले सामने आए हैं। इनमें पांच भोपाल के और इंदौर का एक मामला शामिल है। नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर कहा है कि इन्हीं दो को ही वेरिएंट आफ कंसर्न यानी चिंताजनक माना जाएा। प्रदेश से अब तक भेजे गए 2101 सैंपल की जांच में 1511 में म्यूटेशन मिला है। इनमें 801 वेरिएंट आफ कंसर्न हैं।

कोरोना वायरस के वेरिएंट का पता लगाने के लिए प्रदेश के विभिन्न् मेडिकल कॉलेजों से भेजे गए सैंपलों में 140 की रिपोर्ट आई है। इनमें 94 में म्यूटेशन मिला है। हालांकि, यह राहत की बात है कि इनमें खतरनाक माने जाने वाले वेरिएंट एवाय-1 और एवाय-2 सिर्फ 12 में ही मिले हैं। एनसीडीसी के अफसरों ने बताया कि डेल्टा प्लस वेरिएंट में कई वेरिएंट्स को शामिल किया गया था। इस लिहाज से 27 अगस्त तक प्रदेश में डेल्टा प्लस के 21 मामले थे। बाद में अन्य वेरिएंट्स को चिंताजनक श्रेणी से हटाए जाने के बाद अब सिर्फ 12 मामले रह गए हैं।

भोपाल में अभी तक डेल्टा प्लस के मिले पांच वेरिएंट्स में सभी एवाय-1 और एवाय-2 श्रेणी के हैं। इंदौर में हाल ही में एवाय-4 वेरिएंट्स की पुष्टि भी एक मरीज के सैंपल में हुई थी, लेकिन इसे चिंताजनक की श्रेणी में नहीं रखा गया है।

जिलों की संख्या जहां से भेजे गए सैंपल में चिंताजनक श्रेणी का वेरिएंट मिला-- 36

जिले जहां के सबसे ज्यादा सैंपलों में चिंताजनक श्रेणी के वेरिएंट मिले

जिला -- मामले

भोपाल-- 257

इंदौर-- 159

ग्वालियर-- 72

रतलाम-- 38

खंडवा -- 29

Posted By: Ravindra Soni

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